भिण्ड, 30 जनवरी.मनीष दुबे। जिला क्षय केन्द्र भिण्ड में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आज विश्व कुष्ठ दिवस के उपलक्ष्य में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और इस बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस मौके पर जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि कुष्ठ रोगियों से घृणा नहीं, बल्कि उन्हें स्नेह और सम्मान की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य केवल बीमारी को खत्म करना नहीं, बल्कि उस कलंक को भी मिटाना है जो इस रोग से जुड़ा है। जिला विधिक प्राधिकरण से अनुभूति गुप्ता ने 5 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान की साथ ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान अन्य लोगों के द्वारा भी सहयोग प्रदान करने की अपील की। इस अवसर पर डॉ. देवेश शर्मा, पीएलव्ही, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन कुष्ठ मुक्त भारत बनाने के नारे के साथ हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
शपथ ग्रहण समारोह: कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित अतिथियों, अधिवक्ताओं और नागरिकों द्वारा ‘कुष्ठ उन्मूलनÓ की सामूहिक शपथ के साथ हुई। सभी ने संकल्प लिया कि वे समाज को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने और रोगियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने में अपना पूर्ण योगदान देंगे।
कानूनी अधिकारों की जानकारी: विधिक विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग अब लाइलाज नहीं है और कानूनन इस आधार पर किसी के साथ भेदभाव करना दंडनीय अपराध है। शिविर में बताया गया कि पीड़ित व्यक्ति समाज की मुख्यधारा का हिस्सा हैं और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने का पूरा अधिकार है।
भ्रांतियों का निवारण: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की कि कुष्ठ रोग न तो छुआछूत की बीमारी है और न ही यह किसी पूर्व जन्म के पापों का फल है। सही समय पर उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।


