– ग्राम परा में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित
भिण्ड, 17 जनवरी। एक हों, संगठित हों, राष्ट्रहित में अग्रसर हों, इसी मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए भिण्ड जिले के परा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक शिवांशु जी ने अपने उदबोधन में कहा कि भारत की शक्ति उसकी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और संगठित चेतना में निहित है। जब समाज एकजुट होकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है, तब कोई भी चुनौती असाध्य नहीं रहती। सम्मेलन में संस्कार, शिक्षा और सेवा के माध्यम से युवाओं को समाज में कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि एक हों का अर्थ है आपसी भेदभाव से मुक्त होकर सामाजिक समरसता को अपनाना, संगठित हों का तात्पर्य है अनुशासन और सामूहिक शक्ति और राष्ट्रहित में अग्रसर हों का आशय है नि:स्वार्थ भाव से देश के विकास में योगदान देना। उन्होंने शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, गुरू गोविंद सिंह के दोनों पुत्र जिनकी आयु 9 व 11 वर्ष का उदाहरण देते हुए त्याग और बलिदान के फल स्वरुप राष्ट्र भाव के बारे में बताया।
सम्मेलन में मातृशक्ति डॉ. उमा शर्मा ने कहा कि हमारे भारत की एकता को बांधे रखना जरूरी है। हमारी संस्कृति चंदा को मामा, गंगा को मैया, तुलसी को माता इत्यादि के भाव का बोध एवं किस प्रकार अपने बच्चों में संस्कार मां द्वारा दिए जा सकते हैं इसके बारे में बताया। कार्यक्रम में संत गंगादास महाराज, ब्रह्मस्वरूप बघेल, सुरेश चकवा एवं अक्षय सिंह भदौरिया मंचासीन रहे। सम्मेलन के अंत में उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एकता, संगठन और राष्ट्रहित के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए सतत प्रयास करेंगे।


