– सफलता की कहानी: पीएमएफएमई योजना से धान मील का सफर
भिण्ड, 06 जनवरी। जिले के विकासखण्ड गोहद के एक छोटे से गांव कंचनपुर निवासी अजीत सिंह कौरव एक साधारण किसान थे। बेरोजगारी के बोझ तले दबे अजीत सिंह को बदलाव की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में उन्हें पीएमएफएमई योजना के बारे में पता चला। उन्होंने उद्यानिकी विभाग भिण्ड से संपर्क कर धान मील प्रसंस्करण उद्योग लगाने की इच्छा जताई। इस पर विभाग ने अजीत सिंह को पीएमएफएमई योजना के तहत धान मील लगाने के लिए प्रकरण तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए बैंक शाखा को भिजवाया। योजना के तहत उन्हें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मालनपुर शाखा से 26 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने धान मील स्थापित किया। इस पर शासन की ओर से अजीत सिंह को 10 लाख रुपए का अनुदान भी मिला है।
यह योजना छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सस्ते ऋण, प्रशिक्षण और बाजार सहायता प्रदान करती है। धान मील स्थापित कर अजीत सिंह आज सफल उद्यमी बन गए हैं। उनका वार्षिक टर्न ओवर लगभग 10 से 12 लाख रुपए है और वार्षिक आमदनी लगभग 04 से 05 लाख रुपए है। अब अजीत सिंह ने आर्थिक रूप से सक्षम होकर एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना ली है। अजीत सिंह कौरव कहते हैं कि पीएमएफएमई ने न सिर्फ मेरी किस्मत बदली, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। यह कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाएं ग्रामीण उद्यमिता को पंख दे सकती हैं।


