-चंद जगहों पर रस्म अदायगी कर भूले जिम्मेदार
भिण्ड, 01 जनवरी। नगर परिषद दबोह की कार्यप्रणाली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर जहां पूरा कस्बा भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है, वहीं नगर परिषद पर ‘सूरा बांटे रेबड़ी-चीन-चीन के दे’ कहावत चरितार्थ हो रही है। नगर परिषद ने नगर के दर्जनों प्रमुख स्थानों को नजरअंदाज कर केवल 2 से 3 चुनिंदा जगहों पर महज फोटो सेशन कराने के लिए अलाव जलवाए और अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद के पास बजट और संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन नीयत का अभाव साफ झलक रहा है। परिषद के कर्मचारियों ने केवल उन जगहों पर अलाव की रस्म अदायगी की है, जहां से सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटी जा सके। जबकि हकीकत यह है कि नगर के मुख्य बाजार, घनी बस्तियां और बस स्टैंड के बाहरी हिस्से में आज भी लोग ठिठुर रहे हैं। लोग कड़ाके की ठंड में कांपने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई फिक्र नहीं है।
सीएमओ की कुर्सी खाली, नगर में अव्यवस्था भारी
नगर की इस दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण पूर्णकालिक सीएमओ का न होना है। प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में बाबू और कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। भीषण ठण्ड में 2 से 3 जगहों पर अलाव जलवाकर यह दिखाने की कोशिश की गई कि काम हो रहा है। जिससे आमजनता में आक्रोश है। सड़कों पर रात गुजारने वाले मजदूर और सुबह जल्दी निकलने वाले दूध-सब्जी विक्रेताओं के लिए नगर परिषद की यह लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ठंड किसी एक गली या चौराहे पर नहीं बल्कि पूरे नगर में है, तो भेदभाव पूर्ण तरीके से अलाव क्यों जलाए जा रहे हैं।


