– गांगेपुरा हत्याकांड के विरोध में आलमपुर थाने का घेराव करेंगे किसान
भिण्ड, 31 दिसम्बर। आलमपुर थाने अंतर्गत ग्राम गांगेपुरा के किसान शिवनारायण ‘काकाजूÓ की निर्मम हत्या को एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। प्रशासन की इसी सुस्ती और ‘काकाजूÓ को न्याय दिलाने की मांग को लेकर किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है। किसान नेता चौधरी रमाशंकर सिंह रमा कौरव एवं यादवेन्द्र सिंह यादव भूरे किसान के नेतृत्व में किसानों ने दबोह के स्थानीय विश्राम गृह पर प्रेसवार्ता कर आगामी 1-2 दिनों में आलमपुर थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया है।
ज्ञात रहे कि 75 वर्षीय वृद्ध किसान शिवनारायण कौरव उर्फ ‘काकाजीÓ पुत्र नाथूराम कौरव की हत्या कर दी गई थी।घटना की रात वह राघवेंद्र सिंह कौरव के ट्यूबवेल के पास अपने खेत में लगी धान की फसल की रखवाली करने गए थे।अज्ञात व्यक्ति ने सोते समय उनके सिर और गले पर धारदार हथियार से 6 से 7 बार वार किए लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी आरोपियों की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रशासन को किसानों की दो टूक चेतावनी
प्रेस वार्ता में किसान नेता चौधरी रमाशंकर सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि अब बातचीत का समय निकल चुका है। यदि अगले 48 घण्टे में खुलासा नहीं हुआ तो सैकड़ों किसान बोरिया-बिस्तर लेकर आलमपुर थाने का घेराव करेंगे। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने मांग की कि हत्याकांड का अविलंब खुलासा हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही यह सुनिश्चित हो कि किसी निर्दोष को न फंसाया जाए। परिवार की आत्मरक्षा और सुरक्षा की दृष्टि से पीड़ित परिवार को तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि मृतक किसान के आश्रित परिवार को शासन की ओर से उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
वहीं भूरे किसान ने कहा कि आलमपुर पुलिस काफी समय से पीड़ित परिवार को गुमराह कर रही है, पुलिस बार-बार कह रही कि कुछ दिनों में खुलाशा हो जाएगा पर आज 45 दिन बीत जाने के बाद भी हत्या का खुलासा नहीं हो पाया है। यहां बता दें कि बीते रोज इससे पहले राष्ट्रीय किसान दिवस पर हजारों ट्रैक्टरों के साथ दबोह में ऐतिहासिक रैली निकाली गई थी। किसानों की अन्य मांगों में खाद-बिजली की सुचारू आपूर्ति, अतिवृष्टि का मुआवजा और आवारा पशुओं से सुरक्षा की समस्या भी शामिल थी। बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान चौधरी रमाशंकर सिंह रमा कौरव, यादवेंद्र सिंह यादव भूरे किसान, रामेश्वर दयाल पटेल पट्टीदार, शिवनारायण दुवे बल्लू बकील, संतोष सिंह कानूनगो, रामजीशरण पट्टीदार, विजय सिंह कौरव, राजेन्द्र खेमरिया, शिवप्रताप सिंह, पप्पू धोंड, मेहरबान सिंह, बंटी, रामपाल सिंह कौरव दाऊजी, महेन्द्र सिंह रिंकू पट्टीदार सहित एक दर्जन लोग शामिल रहे।


