– लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर, बाजार में पसरा सन्नाटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त
भिण्ड, 30 दिसम्बर। घना कोहरा और शीत लहर के कारण आलमपुर क्षेत्र में सर्दी का सितम जारी है। तापमान लगातार नीचे खिसकता जा रहा है। पेड़ पौधे और झाड़ियों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जमने लगी है। पिछले चार-पांच दिन से पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। दोपहर 12 बजे के बाद लोगों को भगवान भास्कर के दर्शन हो रहे हैं। भीषण सर्दी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
अत्याधिक सर्दी के कारण लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए हैं। आलमपुर बाजार में दोपहर 12 बजे तक सन्नाटा पसरा दिखाई देता है। केवल जरूरतमंद लोग ही बाजार में सौदा सामग्री खरीदने के लिए आ रहे हैं। स्थिति यह उत्पन्न हो गई है कि लोग दिनभर गर्म कपड़े धारण करके आग का सहारा लेकर सर्दी से बचाव करने की कोशिश में लगे रहते हैं। आलमपुर सहित अंचल में पड़ रही कड़ाके की सर्दी का सर्वाधिक असर बच्चों और बुुुुर्जुगों पर पड़ रहा है। बच्चें एवं बुर्जुग सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित है। यदि चिकित्सकों के यहां देखा जाए तो अधिकांश बच्चे एवं बुर्जुग इन मौसमी बीमारियों का इलाज कराते दिखाई देंगे। वहीं आलमपुर बस स्टेण्ड, देभई चौराहे, छत्रीबाग, कॉलेज तिराहे इत्यादि स्थानों पर विचरण करने वाली बेसहारा गाये एवं गौवंश इस जबरदस्त सर्दी में थरथर कांपते फिर रही हैं। उन्हें जहां आग जलती हुई दिखाई देती है तो वह ठंड से बचने के लिए आग के आस-पास खड़ी हो जाती है। अत्यधिक सर्दी के कारण कुछ फसलों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
समूचा आलमपुर क्षेत्र भीषण में सर्दी की चपेट में है। लेकिन भिण्ड जिले के आलमपुर में आज भी तड़के सुबह से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे है और कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा इस भीषण सर्दी में छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए बुलाया जा रहा है। जिससे बच्चें सर्दी की चपेट में आकर बीमार हो सकते हैं। जिला प्रशासन को तड़के सुबह से संचालित होने बाले कोचिंग सेन्टरों पर कार्रवाई करना चाहिए।


