– लहार में धूमधाम के मनाई गई महाराजा खेतसिंह जूदेव जंयती
भिण्ड, 26 दिसम्बर। लहार नगर के मां गजानन देवी मन्दिर परिसर में महाराजा खेतसिंह जूदेव की जयंती भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लहार नगर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों समाज बंधुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा खेतसिंह जू देव एवं मां गजानन देवी के चित्र पर माल्यार्पण और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। उपस्थित वक्ताओं ने महाराजा खेतसिंह के जीवन दर्शन और उनके शौर्य पर प्रकाश डालते हुए समाज की एकता पर बल दिया।
इस दौरान पूर्व सीएमओ एनआर खेंगर ने कहा कि महाराजा खेतसिंह जूदेव खंगार क्षत्रिय राजवंश के संस्थापक और कुशल रणनीतिकार थे। उन्होंने जूनागढ़ (गुजरात) से आकर मध्य भारत में अपने साम्राज्य का विस्तार किया था। उन्होंने 12वीं शताब्दी (1180 ईस्वी के आसपास) में गढ़कुण्डार (निवाड़ी मप्र) को अपनी राजधानी बनाया और वहां एक अभेद्य किले का निर्माण कराया। उनके शासनकाल को गढ़कुण्डार के स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है। इतिहास के अनुसार महाराजा खेतसिंह दिल्ली सम्राट पृथ्वीराज चौहान के परम मित्र और उनके सबसे भरोसेमंद सेनापतियों में से एक थे। उन्होंने कई युद्धों में अपनी वीरता का लोहा मनवाया था। उन्हें एक न्यायप्रिय और प्रजापालक राजा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने जाति-पाति से ऊपर उठकर सर्वसमाज के उत्थान के लिए कार्य किया। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि की रक्षा की प्रेरणा देता है। आज भी उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
इस गरिमामयी आयोजन में पूर्व प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश, विश्वनाथ सिंह, मुन्ना सिंह, किशन सिंह लहार, व्याख्याता कुंअर सिंह रौन, पूर्व जनपद सदस्य रामोतार सिंह निसार, मुन्नासिंह लोटमपुरा, राजबहादुर सिंह, बाबूसिंह नेताजी और राजेन्द्र सिंह छवावली, रामू, रामसिंह बड़ोखरी, पूर्व सरपंच रामचंद्र छिदी, जयनारायण सरपंच अरुसी, पूर्व दीवान रंधीर सिंह मूरतपुरा, बलबीर सिंह जलालपुरा, धर्मेन्द्र सिंह सिकरी, संतोष कुमार भकोटी, रामकुमार लहार, मुकेश कुमार अचलपुरा, सोनू जगन्नाथपुरा, भानसिंह चौरयी, कल्याण सिंह नेता, सोवरन सिंह सीकरी और राजकुमार शिक्षक देवरी सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


