– ग्राम गाता के किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम की दी चेतावनी
भिण्ड, 18 दिसम्बर। मेहगांव तहसील के अंतर्गत गाता गांव में खेतों पर जाने के लिए आम रास्ते पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है, जिससे किसान कृषि कार्य हेतु अपने खेतों तक नहीं पहुंच पाते हैं, इस अतिक्रमण को हटाने के लिए गाता गांव के किसान तीन वर्षों से प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा आज तक किसानों को समस्या का समाधान नहीं मिला।
अतिक्रमण हटाने में प्रशासन नाकाम
तहसील न्यायलय द्वारा अतिक्रमणकारियों को पांच हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से अर्थदण्ड तथा गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उस पर कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप
गाता के किसान रामजीलाल चौहान, कमलेश दीक्षित, हेवरण सिंह, प्रमोद शर्मा, राघवेन्द्र, संजीव, अशोक, भानु, खुशीराम, कलियान सिंह ने तहसीलदार राजकुमार नागोरिया पर आरोप लगाया है कि तहसीलदार आरोपी पक्ष के पक्ष में कार्य कर रहे है, क्योंकि तहसीलदार महोदय एक बार अतिक्रमण हटाने जब पहुंचे तो अतिक्रमणकरियों ने तहसीलदार और ग्रामीणों से गाली गलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी दी फिर भी प्रशासन ने उन दावंगो पर कोई कार्रवाई नहीं की।
किसानों ने दी चेतावनी
किसानों ने कहा कि यदि 10 दिन के अंदर हमारा रास्ता अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ तो हम धरना प्रदर्शन पर बैठेंगे और साथ में मंगलवार या शनिवार को चक्काजाम भी करेंगे।
जनप्रतिनिधियों के भी संज्ञान में अतिक्रमण
किसानों का कहना है यह समस्या तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक और क्षेत्रीय विधायक और ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष देवेन्द्र नरवरिया और सांसद संध्या राय के भी संज्ञान में फिर भी किसान परेशान है, समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है, अब तो आखिरी रास्ता ही अपनाएंगे। यदि दस दिन में रास्ता अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ तो अनिश्चित कालीन धरने पर बैठेंगे।
इनका कहना है:
”अतिक्रमण हटाने में क्या परेशानी आ रही है देखता हूं, अतिशीघ्र रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा, साथ ही आरोपियों पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
नवनीत शर्मा, एसडीएम मेहगांव


