भिण्ड, 30 अक्टूबर। आलमपुर क्षेत्र में गुरुवार को भी दिनभर बारिश हुई, खेतों में बरसात का पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की धान की पकी हुई फसल नष्ट हो गई है। धान की पकी हुई फसल नष्ट होने से किसान सदमें में आ गए है। लेकिन किसानों का दर्द जानने के लिए आलमपुर क्षेत्र में अभी तक न तो कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा है और न ही प्रशासनिक अधिकारी धान की फसल की स्थिति का जायजा लेने के लिए मैदान में निकले है।
आलमपुर क्षेत्र के तमाम गांवों में प्राकृतिक आपदा से किसानों की धान की पकी हुई फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों खाद, बीच पर हजारों रुपए खर्च कर धान की फसल की थी और कुछ ही दिनों में किसानों की धान की पकी हुई फसल कटकर घर पहुंचने वाली थी। लेकिन इससे पहले ही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई छोटे किसानों ने कर्ज लेकर धान की फसल की थी। वह धान की फसल खराब होने से बर्बाद हो गए हैं। छोटे किसानों के समक्ष अब परिवार के भरण पोषण और कर्ज पटाने की बड़ी समस्या सामने आ गई है। बारिश के कारण धान काटने वाली मशीनों के पहिया भी थम गए है। अभी हाल ही में जिन किसानों ने सरसों, मसूर की फसल की बुबाई की थी। उन किसानों की भी फसलें खराब हो गई है। आलमपुर क्षेत्र में पिछले दो तीन दिन से लगातार हो रही बरसात से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
Wednesday, September 30
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