भिण्ड, 29 अक्टूबर। शा. महाविद्यालय आलमपुर द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय बेविनार का ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनभागीदारी समिति अध्यक्ष कल्याण सिंह कौरव एवं प्राचार्य डॉ. भगवान सिंह निरंजन द्वारा सरस्वती पूजन के साथ किया गया।
ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से जुड़ी मुख्य वक्ता प्रो. श्रद्धा सिंह ने कहा कि आधुनिक समय में भाषा को औजार की तरह प्रयोग किया जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा में अनेक भाषाएं होते हुए भी एक केन्द्रीय भाषा की प्रधानता है, भारत में इसका अभाव है। जबकि हिन्दी भाषा का व्यापक प्रचार-प्रसार है। राष्ट्रीय आंदोलन में हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। सभी भाषाओं के सम्मान के साथ-साथ हिन्दी को केन्द्रीय भाषा का दर्जा मिलना चाहिए।
मुख्य वक्ता डॉ. वीके सुब्रमण्यन ने कहा कि भारतीय भाषाएं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एवं वैज्ञानिक भाषाएं हैं। मातृभाषा विद्यार्थी की भावनाओं और सहजता से जुड़ी होती है। विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में ही तकनीकी और गणित विज्ञान की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी यही बात कही गई है। संस्कृत विश्व की प्राचीनतम भाषा है, जिसमें वेद उपनिषद लिखे गए, जो भारतीय ज्ञान-विज्ञान का खजाना है। आज भारतीय भाषाओं की बहुत आवश्यकता है और इसकी प्रासंगिकता भी है, अंग्रेजी एवं अन्य भाषाएं बाजार के माध्यम से हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं का उपयोग कम करना चाहती हैं। यही उद्देश्य उपनिवेशवादी नीति का था, हम सभी को मिलकर भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। रविन्द्र कुशवाह ने विद्यार्थियों को शिक्षा मातृभाषा के माध्यम से ग्रहण करने पर बल दिया और यह भी कहा कि भारत के अन्य भाषाओं को भी आठवीं अनुसूची में स्थान मिलना चाहिए।
इसी क्रम में डॉ. केसी मिश्रा, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, राकेश कुमार, डॉ. गायत्री पलोड, पीयूष कुमार जैन, मालकिया अरविन्द भाई बीजलभाई आदि ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। बेविनार में 284 प्रतिभागी रजिस्ट्रेशन कराकर गूगल मीट के माध्यम से बेविनार में जुड़े और आठ शोध पत्र प्रस्तुत किए गए है। वेबीनार का संचालन धर्मवीर सिंह भदौरिया ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. भगवान सिंह निरंजन ने सभी का आभार व्यक्त किया है।
Monday, April 6
BREAKING
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता : सिंधिया
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनसुनवाई बनी सुशासन का सशक्त माध्यम: सिंधिया
- सभी प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराएं : मंत्री शुक्ला
- फसल क्षति का सर्वे व्यवस्थित एवं समयावधि में किया जाए : नरेन्द्र सिंह
- बारिश, ओलावृष्टि एवं आंधी से पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा मिलना चाहिए : बघेल
- पूर्व विधायक रणवीर ने किया नुकसान फसलों का मुआयना
- ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ से गूंजा पंडाल
- गोहद नगर मण्डल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन


