भिण्ड, 16 अक्टूबर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शा. एमजेएस महाविद्यालय भिण्ड के प्राणी शास्त्र विभाग द्वारा ‘आपदा प्रबंधन एवं आधुनिक संचार माध्यम’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गुरुवार को ऑनलाइन वर्चुअल प्लेटफार्म जूम मीटिंग के माध्यम से महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। जिसके मुख्य अतिथि अतिरिक्त संचालक डॉ. कुमार रत्नम ग्वालियर चंबल संभाग रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा ने की।
इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं और उनके ज्ञान को समृद्ध करते हैं। वेबिनार में देश-विदेश से प्रसिद्ध शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस वेबीनार में प्रथम मुख्य अंतर्राष्ट्रीय वक्ता डॉ. संतोष एस पलमटे (टेक्सास विश्वविद्यालय अमेरिका), द्वितीय मुख्य वक्ता डॉ. अंकुर दीक्षित (कोरनेल यूनिवर्सिटी अमेरिका), तृतीय मुख्य वक्ता डॉ. अंचल शर्मा (बायोलॉजिक्स डिसकवरी साइंस अब्बे फार्मास्यूटिकल कंपनी शिकागो अमेरिका), चौथे वक्ता डॉ. संदीप शुक्ला (गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम) एवं डॉ. आरिफ अहमद (जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली) ने अपने विचार आपदा प्रबंधन एवं आधुनिक संचार माध्यम पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। आपदा प्रबंधन में आधुनिक संचार माध्यमों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। ये माध्यम आपदा के दौरान और उसके बाद लोगों को समय पर चेतावनी देने, सूचना प्रसारित करने और राहत कार्यों के समन्वय में मदद करते हैं। इनमें उपग्रह संचार, मोबाइल नेटवर्क, सोशल मीडिया और जीपीएस/ जीआईएस जैसे तकनीकी उपकरण शामिल हैं, जो पारंपरिक संचार व्यवस्था के विफल होने पर भी जुड़े रहने में मदद करते हैं।
डॉ. संदीप शुक्ला ने 2013 में केदारनाथ में हुई विशेष सुनामी 2025 में बादलों का फटना लैंडस्केप अकस्मात भूकंप और ज्वालामुखी के फटने पर हमें किस प्रकार से अपना बचाव और आपदाओं से निपटने के लिए क्या क्या कार्य करना चाहिए के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मुक्त तीन प्रकार के ऑब्जरवेशन- फील्ड ऑब्जरवेशन, सैटेलाइट ऑब्जरवेशन, सॉफ्टवेयर ऑब्जरवेशन के बारे में बताया कि हम उपग्रह जीपीएस, जीआईएस, उपग्रह संचार, और सोशल मीडिया प्लेटफार्म प्रभावी आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण हैं, के माध्यम से पहले से ही जान सकते हैं कि कहां-कहां किस प्रकार की प्राकृतिक आपदा आ रही है। कार्यशाला का संचालन डॉ. आरती शर्मा (प्राणी शास्त्र विभाग) ने किया। इसमें लगभग 250 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। अंत में आभार प्रदर्शन प्रो. मोहित दुबे ने किया। कार्यक्रम की सफलता पर पूरे कॉलेज परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में संपूर्ण महाविद्यालय स्टाफ के साथ-साथ संपूर्ण भारत और विश्व के लोगों ने वर्चुअल मीट के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में सहभागिता दर्ज की।
Monday, April 6
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