भिण्ड, 13 अक्टूबर। प्रभारी अधिकारी विशेष कृषि अनुसंधान केन्द्र भिण्ड ने बताया कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के अंतर्गत विशेष कृषि अनुसंधान केन्द्र इटावा रोड़ भिण्ड पर गेहूं की उन्नतशील किस्म टीआरवीडब्ल्यू-155 प्रजनक बीज व एचआई-1544 राजविजय बीज तथा चना की उन्नतशील किस्में आरवीजी-202, जेजी-24 विक्रय हेतु उपलब्ध है। ये उन्नतशील किस्में किसान भाई अपने खेत पर लगाते हैं तो यह बीज पांच से छ: साल तक उपयोग कर सकते हैं। हर साल नया बीज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी एवं इस बीज का हर साल उत्पादन बढ़ता जाता है।
गेहूं की उन्नतशील किस्में टीआरवीडब्ल्यू-155 व गेहूं-1544 तथा चना आरवीजी-202 राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा विकसित की गई है व किस्म जेजी-24 चना, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से विकसित की गई है। यदि किसान भाई का खुद का बीज होगा तो हर साल बीज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे किसान भाईयों की खेती में लागत की कमी आएगी और आय अधिक होगी। बीजों की पैकिंग गेहूं-40 किलो तथा चना-30 किलो में विक्रय हेतु उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए 9329622315 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
Monday, April 6
BREAKING
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता : सिंधिया
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनसुनवाई बनी सुशासन का सशक्त माध्यम: सिंधिया
- सभी प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराएं : मंत्री शुक्ला
- फसल क्षति का सर्वे व्यवस्थित एवं समयावधि में किया जाए : नरेन्द्र सिंह
- बारिश, ओलावृष्टि एवं आंधी से पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा मिलना चाहिए : बघेल
- पूर्व विधायक रणवीर ने किया नुकसान फसलों का मुआयना
- ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ से गूंजा पंडाल
- गोहद नगर मण्डल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन

