– ग्वालियर-मालनपुर यात्रियों की मजबूरी, थ्री-व्हीलर टैक्सियों में भेड़-बकरियों की तरह सफर करने को मजबूर जनता
भिण्ड, 31 मई। भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे 719 पर इन दिनों परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। हाईवे पर दर्जनों निजी बसें बिना वैध परमिट के संचालित होने की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे शासन को प्रतिमाह लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर ग्वालियर से औद्योगिक नगरी मालनपुर तक आने-जाने वाले हजारों श्रमिकों और कर्मचारियों को नियमित बस सुविधा नहीं मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में प्रतिदिन हजारों मजदूर और कर्मचारी ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्रों से काम करने पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त बस सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण लोगों को मजबूरी में थ्री-व्हीलर टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालत यह है कि इन टैक्सियों में क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह सफर कराया जा रहा है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
यात्रियों का आरोप है कि घण्टों तक लोग गोले के मन्दिर और अन्य प्रमुख स्टॉपों पर धूप और गर्मी में खड़े रहकर वाहनों का इंतजार करते हैं, लेकिन समय पर कोई व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होती। इसके चलते कर्मचारी रोजाना देरी और असुविधा का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिवहन विभाग द्वारा हाईवे पर संचालित बिना परमिट वाहनों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए और ग्वालियर-मालनपुर रूट पर नियमित बस सेवाएं शुरू कराई जाएं तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। वहीं बिना परमिट संचालन पर रोक लगने से शासन के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
उल्लेखनीय है कि भिण्ड-ग्वालियर-इटावा को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 719 क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारी आवागमन करते हैं। हाल के वर्षों में इस हाईवे पर यातायात दबाव और दुर्घटनाओं को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब देखना यह होगा कि परिवहन विभाग बिना परमिट दौड़ रहे वाहनों पर कार्रवाई करता है या फिर यात्रियों की परेशानियां और शासन को हो रहा राजस्व नुकसान यूं ही जारी रहता है।


