– कचरा कलेक्शन गाड़ियों से श्मशान घाट में डंप हो रहा कचरा
भिण्ड, 31 मई। नगर परिषद मालनपुर एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला नगर परिषद द्वारा श्मशान घाट परिसर में कचरा डंप किए जाने का सामने आया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर परिषद की कचरा संग्रहण गाड़ियां नियमित रूप से श्मशान घाट परिसर में कचरा फेंक रही हैं, जिससे न केवल वहां गंदगी और दुर्गंध का माहौल बन रहा है, बल्कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह हमारे प्रतिनिधि जब मालनपुर स्थित श्मशान घाट पहुंचे तो वहां नगर परिषद की कचरा कलेक्शन गाड़ी द्वारा कचरा डंप किया जा रहा था। जैसे ही प्रतिनिधि ने मौके की तस्वीरें लेना शुरू कीं, वाहन चालक तत्काल वहां से गाड़ी लेकर निकल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से श्मशान घाट परिसर को डंपिंग ग्राउंड की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
पवित्र स्थल की गरिमा से खिलवाड़
श्मशान घाट किसी भी समाज के लिए एक अत्यंत संवेदनशील और सम्मानित स्थान माना जाता है। यहां लोग अपने परिजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं। ऐसे स्थान पर कचरा डंप किया जाना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद को शहर के कचरे के निस्तारण के लिए निर्धारित स्थानों का उपयोग करना चाहिए, न कि श्मशान घाट जैसे पवित्र स्थल को कचरा घर में तब्दील करना चाहिए।
दुर्गंध और गंदगी से परेशान रहवासी
रहवासियों के अनुसार प्रतिदिन कचरा फेंके जाने के कारण क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। आस-पास रहने वाले लोगों को बदबू, गंदगी और संक्रमण फैलने की आशंका के बीच जीवन यापन करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
स्वच्छता अभियान के दावों की खुल रही पोल
एक ओर शासन और प्रशासन स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपए खर्च कर शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मालनपुर में श्मशान घाट जैसे स्थल पर कचरा डंप किए जाने के आरोप इन दावों की वास्तविकता को उजागर करते नजर आ रहे हैं। यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल स्वच्छता नियमों की अनदेखी है, बल्कि पर्यावरणीय मानकों का भी उल्लंघन माना जा सकता है।
लगातार विवादों में घिरी नगर परिषद मालनपुर
नगर परिषद मालनपुर पिछले काफी समय से विभिन्न मामलों को लेकर विवादों में घिरी हुई है। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि परिषद की कार्य प्रणाली को लेकर समय-समय पर कई शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। यही कारण है कि अब लोगों के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि आखिर नगर परिषद की व्यवस्थाओं की जवाबदेही तय कब होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद से जुड़े मामलों में लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों की निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। यदि श्मशान घाट में कचरा डंपिंग जैसी घटनाओं पर भी समय रहते कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, श्मशान घाट में कचरा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक और धार्मिक महत्व के स्थलों की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
कब टूटेगी अधिकारियों की चुप्पी?
नगर परिषद मालनपुर को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हुई है। जनता पूछ रही है कि आखिर शिकायतों और विवादों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन कब संज्ञान लेता है और श्मशान घाट को कथित रूप से डंपिंग ग्राउंड बनाए जाने के मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।
नगर परिषद का पक्ष
श्मशान घाट परिसर में कचरा डंप किए जाने के आरोपों को लेकर नगर परिषद मालनपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रिहान अली से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। समाचार प्रकाशन तक उनका कोई जवाब प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


