– नगर परिषद मालनपुर की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
– निर्माण एजेंसी और अधिकारियों की लापरवाही से बाजार क्षेत्र में बदबू, गंदगी और अव्यवस्था का माहौल
भिण्ड, 26 मई। नगर परिषद मालनपुर द्वारा नगर में कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य अब आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। नगर के मुख्य बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में नालों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन खुदाई के बाद निकले गंदे कीचड़, कचरे और सड़े हुए मालवे को समय पर हटाने की दिशा में परिषद द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हालत यह है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी नालों से निकला दूषित मालवा सड़क किनारे खुले में पड़ा हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध और गंदगी का वातावरण निर्मित हो गया है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद ने बिना समुचित सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सफाई योजना के निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया। खुदाई के दौरान निकाला गया कीचड़ और कचरा दुकानों के सामने एवं सड़क किनारे डाल दिया गया, लेकिन उसे निर्धारित समयावधि में हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण बाजार क्षेत्र में संक्रमण फैलने और बीमारियों के फैलाव की आशंका भी बढ़ने लगी है।
विशेषज्ञों एवं निर्माण कार्यों से जुड़े तकनीकी नियमों के अनुसार किसी भी नाला निर्माण अथवा खुदाई कार्य के दौरान निकले मलबे को अधिक समय तक सार्वजनिक मार्ग या बाजार क्षेत्र में खुले में नहीं छोड़ा जा सकता। नगर निकायों एवं निर्माण एजेंसियों के लिए यह आवश्यक माना जाता है कि खुदाई से निकले मलबे को यथाशीघ्र, सामान्यत: 24 घण्टे के भीतर हटाया जाए। ताकि यातायात, व्यापारिक गतिविधियों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत एवं नियमित सफाई की व्यवस्था भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा मानी जाती है। लेकिन मालनपुर में स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। तीन दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सड़क किनारे पड़ा सड़ा हुआ मालवा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बदबू और अव्यवस्था के कारण ग्राहक बाजार में आने से बच रहे हैं, जिससे उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने मजबूरी में अपनी दुकानें समय से पहले बंद कर दीं, क्योंकि पूरे दिन दुर्गंध और गंदगी के बीच बैठना संभव नहीं हो पा रहा। राहगीरों और वाहन चालकों ने भी नगर परिषद की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे फैला मालवा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। कई स्थानों पर सड़क संकरी हो जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और जाम जैसी स्थिति बन रही है। दोपहिया वाहन चालक फिसलन और कीचड़ के कारण हादसों के डर के बीच निकलने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद केवल निर्माण कार्य प्रारंभ कर औपचारिकता निभा रही है, जबकि निर्माण के बाद उत्पन्न समस्याओं के समाधान को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। नागरिकों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति द्वारा सड़क पर थोड़ी भी गंदगी फैलाई जाए तो नगर परिषद जुर्माना और कार्रवाई की बात करती है, लेकिन परिषद स्वयं अपने निर्माण कार्यों से फैली गंदगी और अव्यवस्था के प्रति जवाबदेही तय करने को तैयार नहीं है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर परिषद मालनपुर की कार्यप्रणाली एवं निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई करते हुए नालों से निकले मालवे को तत्काल हटाया जाए तथा क्षेत्र में साफ-सफाई एवं दवाई का छिड़काव कराया जाए, ताकि लोगों को बदबू, गंदगी और संभावित बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो नगर परिषद के खिलाफ जनआक्रोश बढ़ सकता है और व्यापारी एवं नागरिक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं।
इनका कहना है:
”कचरा अभी गीला है, ठेकेदार द्वारा दो दिन में उठा लिया जाएगा।”
रिहान अली, मुख्य नगर परिषद अधिकारी मालनपुर


