– लोग कहते हैं आलमपुर में तो केवल नाम का अस्पताल है व्यवस्थाएं कुछ भी नहीं
भिण्ड, 24 मई। आलमपुर में सरकारी अस्पताल को संचालित हुए वर्षों बीत गए। लेकिन यहां के सरकारी अस्पताल में आज तक वह महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। जिनकी वर्तमान समय में अत्याधिक आवश्यकता है।
प्रदेश सरकार जहां एक ओर सरकारी अस्पतालों को सुविधाएं युक्त बनाकर लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए प्रेरित कर रही है। तो वही आलमपुर के इस ग्रामीण स्तर के सरकारी अस्पताल में कई वर्षों से महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कस्बे के इस सरकारी अस्पताल में स्थानीय नागरिकों सहित आस-पास के 25-30 गांव के लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें सरकारी अस्पताल में उचित उपचार नहीं मिल पाता है। इस कारण आलमपुर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अन्य जगह के सरकारी व प्रायवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए जाना पड़ता है। बताया गया है कि सरकारी अस्पताल में गिने चुने स्वास्थ्य कर्मचारी पदस्थ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई वर्षों से नवीन कर्मचारियों की पदस्थापना नहीं की गई हैं। आलमपुर अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए व्यवस्था न होने पर आलमपुर सहित आसपास के गांव के लोग कहते हैं कि आलमपुर में तो केवल नाम का अस्पताल है, व्यवस्थाएं कुछ भी नहीं है।
घायल व्यक्तियों को भी नहीं मिलता उचित उपचार
आलमपुर कस्बे के सरकारी अस्पताल में घायल व्यक्तियों की जांच हेतु एक्सरे मशीन सहित अन्य कई सुविधाओं का अभाव है। इसलिए आलमपुर के सरकारी अस्पताल में घटना-दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की न तो जांच नहीं हो पाती है। और न ही उन्हें ठीक तरह से उपचार मिल पाता है। घटना-दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के पश्चात ग्वालियर, भिण्ड, दतिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया जाता है। जबकि वर्तमान समय में बढ़ती घटना दुर्घटनाओं को देखते हुए आलमपुर अस्पताल में एक्सरे मशीन की सख्त आवश्यकता है। बताया गया है कि कभी-कभी तो घायल एवं बीमार व्यक्ति को आलमपुर के सरकारी अस्पताल में रात्रि के समय उपचार ही नहीं मिल पाता हैं। जिस कारण घायल एवं बीमार व्यक्ति को अन्य जगह के सरकारी या प्रायवेट अस्पताल में ले जाना पड़ता है।
अस्पताल भवन और क्वार्टर की हालत ठीक नहीं
आलमपुर के सरकारी अस्पताल भवन एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को रहने के लिए बने क्वार्टर क्षतिग्रस्त हो गए है। अस्पताल भवन एवं स्टाफ क्वार्टर की दीवार एवं छत में कई जगह लम्बी चौड़ी दरारे आ गई है। जिससे बरसात होने पर पानी का टपकता है। तो वही भवन की दीवारों में मौजूद दरारों में जहरीले सांप बिच्छू प्रवेश कर जाते हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को काटने का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई वर्षों से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं कराई गई है।


