– भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
– जनता की सुविधा के नाम पर लाखों खर्च, लेकिन कुछ ही समय में जर्जर होने लगी सार्वजनिक व्यवस्था
भिण्ड, 24 मई। नगर परिषद मालनपुर की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों और सवालों के घेरे में आ गई है। नगर परिषद द्वारा हाल ही में बनाए गए सार्वजनिक सुलभ शौचालय की हालत अब चिंताजनक दिखाई देने लगी है। निर्माण के कुछ ही समय बाद शौचालय की दीवारों में दरारें, प्लास्टर उखड़ना और नींव कमजोर पड़ने जैसी स्थितियां सामने आने लगी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नगर पालिका कार्यालय के सामने खुलेआम किया जा रहा अवैध रेत भंडारण है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार सुलभ शौचालय के आस-पास लंबे समय से अवैध रूप से रेत के बड़े-बड़े ढेर जमा किए जा रहे हैं। भारी मात्रा में डंप की गई रेत और लगातार होने वाली आवाजाही के कारण शौचालय भवन की नींव पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे निर्माण कमजोर होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर सार्वजनिक सुविधा का निर्माण कराया गया, उसी के आस-पास अव्यवस्थित तरीके से रेत का भंडारण कर दिया गया, जिससे भवन की मजबूती पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नगर परिषद के कार्यालय के ठीक सामने यदि खुलेआम अवैध रेत भंडारण किया जा रहा है, तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों को यह दिखाई क्यों नहीं दे रहा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर अवैध भंडारण संभव नहीं हो सकता। यही कारण है कि अब नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप लगने लगे हैं।
नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद जनता के पैसों से विकास कार्य कराने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत दिखाई देते हैं। एक ओर लाखों रुपए खर्च कर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया, दूसरी ओर उसी भवन के आस-पास अवैध रेत के ढेर लगाकर उसकी नींव को खतरे में डाल दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भवन कभी भी गंभीर क्षति का शिकार हो सकता है और कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में पहले ही घटिया सामग्री उपयोग किए जाने की चर्चा थी, और अब अवैध रेत भंडारण ने स्थिति को और खराब कर दिया है। शौचालय परिसर के आस-पास फैली अव्यवस्था, धूल और भारी वाहनों की आवाजाही से आम नागरिक भी परेशान हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सार्वजनिक सुविधा तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, अवैध रेत भंडारण को तत्काल हटाया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका कार्यालय के सामने ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि नगर परिषद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करती है या फिर यह मामला भी केवल शिकायतों और आरोपों तक सीमित रह जाएगा।
इनका कहना है:
”मैं अभी दो मिनिट में पता कर के बताता हूं।”
रेहान अली, सीएमओ मालनपुर


