-एसडीएम ने नागरिकों को समझाया फिर भी सप्लाई बहाल होने तक अड़े रहे लोग
भिण्ड, 21 मई। भीषण गर्मी के बीच शहर में हो रही लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों ने बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। बार-बार बिजली गुल होने, लाइन टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने से आक्रोशित शहरवासियों ने नगर पालिका के पास ग्वालियर-इटावा मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
जानकारी के मुताबिक रात करीब 11 बजे से ही लोगों में बिजली गुल होने को लेकर आक्रोश बढ़ने लगा था। रात 12 बजते-बजते वीरेंद्र नगर और आसपास की कई कॉलोनियों के रहवासी बड़ी संख्या में घरों से बाहर आ गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली बंद रहने के कारण घरों के अंदर रहना मुश्किल हो गया है। चक्काजाम की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रात करीब एक बजे हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीएम अखिलेश शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। लोगों ने कहा कि जब तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं होगी, वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। इसके बाद प्रशासन और बिजली कंपनी के अधिकारियों ने तुरंत फाल्ट सुधारने के प्रयास शुरू किए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 3 बजे बिजली सप्लाई बहाल की जा सकी। बिजली आने के बाद ही लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और घरों को लौटे।
क्षेत्रीय पार्षद दीपक शर्मा ने बिजली कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में पिछले वर्षों में बिछाई गई केबल लाइनें, ट्रांसफार्मर और इंसुलेटर बेहद घटिया गुणवत्ता के लगाए गए हैं। बिजली कंपनी में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण लाइनें जरा सा भी लोड नहीं झेल पा रही हैं और बार-बार जल रही हैं।


