भिण्ड, 19 मई। जिले की परियोजना गोहद के अंतर्गत ग्राम धमसा का पुरा ग्राम पंचायत सर्वा में आंगनवाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता पुष्पा कुशवाह वैसे तो हमेशा से ही विवादों में ही रही है। इनकी नियुक्ति को लेकर काफी लंबे समय तक अटकलें चली, जिसके बावजूद राजनैतिक दबाब के चलते उक्त कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई थी। परंतु उक्त कार्यकर्ता राजनैतिक वर्चस्व व रसूखदार घराने की हैं, इसलिए कार्यकर्ता की नौकरी सिर्फ कागजों में और घर से ही चल रही है। उक्त कार्यकर्ता की पूर्व में अधिकारियों के समक्ष लिखित में शिकायत हो चुकी है।
शिकायत में यह बताया गया कि शासन के द्वारा संचालित किसी भी योजना का लाभ हितग्राहियों महिला/ बच्चों को नहीं दिया जा रहा है, ना ही गर्भवती महिलाओं की आज तक गोद भराई की गई है और शासन द्वारा संचालित योजनाओं से धमसा का पुरा पूर्ण तरीके से वंचित है। ऊपर से आने वाले सामान तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं को कार्यकर्ता द्वारा अपने निजी उपयोग में लिया जा रहा है। इतना सब कुछ होने के उपरांत भी किसी अधिकारी की यह मजाल नहीं हुई कि उक्त कार्यकर्ता के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कर सके।
उक्त कार्यकर्ता की शिकायत अभी हाल ही में पिछले माह अप्रैल 2026 में की गई थी। जिस पर परियोजना अधिकारी गोहद द्वारा टीम गठित करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर परियोजना सुपर वाइजर हेमलता लोधी ने निरीक्षण किया। जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 15 दिन पूर्व से आंगनवाड़ी केन्द्र पर अनुपस्थित पाई गईं तथा केन्द्र बंद पाया गया। ग्रामीणों के कथन के आधार पर आंगनवाड़ी केन्द्र ज्यादातर बंद ही रहता है और कार्यकर्ता पुष्पा कुशवाह वार्ड क्र.6 कुशवाह कॉलोनी मालनपुर में निवास करती है। उक्त निरीक्षण के उपरांत सुरप वाइजर मौका पंचनामा तथा प्रतिवेदन बनाकर ले गईं परंतु आज तक यह पता नहीं चला कि उक्त पंचनामा तथा प्रतिवेदन कौन से ठण्डे वस्ते में रख दिया गया है।
चूंकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा कुशवाह के पति कमल कुशवाह भाजपा के वर्चस्वधारी नेता माने जाते हैं। इसलिऐ उनके राजनैतिक रसूख के डर से परियोजना सुपर वाइजर व वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई करने की हिम्मत ही नहीं हो रही है। इसलिए उक्त कार्यकर्ता पर एक देशी कहावत लागू होती है कि खुदा मेहबान तो गधा पहलवान।
इनका कहना है:
”आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंगलवार को ही आती हैं, कहती है बीच में कोई चैकिंग नहीं आती है।”
विमलेश कुशवाह, आशा कार्यकर्ता धमसा का पुरा”महीने में एक-दो चक्कर लगाती हैं, अगर कुछ काम होता है तो फोन करके बोल देती है कि बच्चों की फोटो खींचकर मुझे डाल दो, मैं अपने बच्चों से फोटो खिंचवाकर कार्यकर्ता को भेज देती हूं, मुझे मोबाइल चलाना नहीं आता है।”
गीता कुशवाह, आंगनवाड़ी सहायिका”हमने तो कई बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक की है, लेकिन पैसे और राजनीति के दम पर आज तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
पिंटू तोमर, जनसेवक धमसा का पुरा”मुझको शिकायत मिली थी, मैंने टीम गठित करने के लिए निर्देश दिए हैंं। उक्त शिकायत में जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया था, शिकायत सही पाई गई है, कार्यकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दे दिया है।”
संदीप सिंह मौर्य, परियोजना अधिकारी गोहद


