– आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी दर से समय से वेतन का भुगतान किया जाए : वाल्मीकि
भिण्ड, 18 मई। जिला चिकित्सालय में वर्ल्ड क्लास सर्विसेज एजेंसी के अंर्तगत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का एजेंसी द्वारा शोषण किया जा रहा है। यह बात राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अधिवक्ता गुडडू वाल्मीकि ने श्रमायुक्त मध्यप्रदेश शासन इंदौर को लिखे पत्र में कही है।
पत्र के माध्यम से वाल्मीकि ने बताया है कि जिला चिकित्सालय भिण्ड में वर्ल्ड क्लास सर्विसेज एजेंसी के अंतर्गत सपोर्टिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी आदि कार्यरत हैं। एजेंसी द्वारा उक्त कर्मचारियों को मार्च माह के वेतन का भुगतान 27 अप्रैल को 7000-7500 तक किया है, जबकि कार्यालय श्रमायुक्त मध्यप्रदेश शासन इंदौर के अकुशल श्रमिक के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 12 हजार 425 रुपए तथा अर्द्ध कुशल श्रमिक के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 13 हजार 421 रुपए प्रतिमाह तय की है तथा टेण्डर गाइड लाइन एवं मजदूरी संदाय अधिनियम में वेतन का भुगतान माह के प्रथम सप्ताह में किए जाने का प्रावधान है, लेकिन एजेंसी के द्वारा अप्रैल माह के वेतन का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।
वर्ल्ड क्लास सर्विसेज एजेंसी के प्रबंधकों द्वारा शासन द्वारा तय की गयी टेण्डर गाइड लाइन में दिए शर्तों का पालन न कर, न्यूनतम मजदूरी दर अधिनियम 1948 एवं मजदूरी संदाय अधिनियम 1936 में दिए प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर भिण्ड, मिशन संचालक स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य मानवाधिकार आयोग को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिली-भगत से वर्ल्ड क्लास सर्विसेज एजेंसी द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो सक्षम न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।

