– राष्ट्रीय लुप्तप्राय: प्रजाति दिवस पर कार्यशाला आयोजित
भिण्ड, 15 मई। सामान्य वन मण्डल एवं सुप्रयास भिण्ड के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय लुप्तप्राय: प्रजाति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को वन विभाग कार्यालय भिण्ड में महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘चंबल संभाग में लुप्तप्राय वन्यजीव : संकट, वैज्ञानिक तथ्य और पुनर्वास की संभावनाएं’ रहा।
मुख्य वक्ता प्रो. इकबाल अली ने अपने उद्बोधन में कहा कि चंबल क्षेत्र की जैव विविधता केवल मप्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की प्राकृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते वैज्ञानिक संरक्षण उपाय नहीं अपनाए गए, तो अनेक दुर्लभ प्रजातियां हमेशा के लिए विलुप्त हो सकती हैं। चंबल क्षेत्र में पाए जाने वाले संकट ग्रस्त वन्यजीवों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि चंबल नदी, बीहड़ एवं घासभूमि आधारित पारिस्थितिकी तंत्र घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगरमच्छ, इंडियन स्किमर, ब्लैक-बेलीड टर्न, गोडावण (सोन चिरैया), कराकल, लकड़बग्घा एवं उदविलाव जैसी दुर्लभ प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल हैं। अवैध रेत उत्खनन, प्रदूषण, अवैध शिकार, घास भूमियों का विनाश एवं मानवीय हस्तक्षेप इन प्रजातियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। उन्होंने वैज्ञानिक मॉनिटरिंग, स्थानीय समुदायों की सहभागिता, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण तथा प्राकृतिक आवासों के पुनर्वास की आवश्यकता पर बल दिया।
सुप्रयास सचिव तथा वन्य जीवन कार्यकर्ता डॉ. मनोज जैन ने बताया कि लुप्तप्राय प्रजाति दिवस प्रतिवर्ष मई माह के तीसरे शुक्रवार को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में एंडेंजर्ड स्पीशीज कोलाइजन तथा डेविड रॉबिंसन द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य संकटग्रस्त वन्यजीवों एवं वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
कार्यशाला में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने चंबल क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में वन्यजीव संरक्षण एवं जन जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय लोगों का सम्मान भी किया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने चंबल क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम वनमण्डलाधिकारी बीआर सिरसाम के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उप वनमण्डलाधिकारी प्रीति शाक्य, वन परिक्षेत्र अधिकारी बसंत शर्मा, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हरीश सिंह भदौरिया सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


