– 5 दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा दिन
भिण्ड, 13 मई। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार मेरा युवा भारत केन्द्र भिण्ड एवं जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के विशेष सहयोग से 5 दिवसीय प्रायोगिक शिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन युवाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया गया। यह कार्यक्रम मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन और उपार्जन केन्द्र जवासा में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने समझा कि किस प्रकार किसान की उपज सरकारी तंत्र का हिस्सा बनती है। उपार्जन केन्द्र जवासा के प्रभारी अनुज पाठक और देख-रेख कर रहे जितेन्द्र बाजपेई ने गेहूं, चना, उड़द और मसूर की खरीदी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। प्रथम चरण में पंजीयन एवं आवक: किसान के आने पर उसे ट्रॉली नंबर आवंटित करना। गुणवत्ता परीक्षण: अनाज की शुद्धता और नमी की जांच करना ताकि उच्च गुणवत्ता का स्टॉक सुनिश्चित हो, तौल एवं क्रय: पारदर्शी तरीके से वजन करना और किसानों को अनाज पावती जारी करना, भंडारण: अनाज को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना।
वैज्ञानिक भंडारण और डब्ल्यूएचआर का महत्व
एमपीडब्ल्यूएलसी के शाखा प्रबंधक आरके सिंह जादौन ने वेयर हाउसिंग की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि उपार्जन के बाद अनाज को गोदामों में कैसे वैज्ञानिक पद्धति से सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने डब्ल्यूएचआर जारी करने की प्रक्रिया को भी साझा किया, जो अनाज की सुरक्षा और बैंकिंग लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला युवा अधिकारी आशुतोष साहू ने बताया कि यह 5 दिवसीय प्रशिक्षण युवाओं को सरकारी कार्यप्रणाली और खाद्य सुरक्षा चक्र को समझने में मदद करेगा। इस दौरान पीटीएस धर्मवीर सिंह भी उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में रिंकी गर्ग, शालिनी प्रजापति, राजबंश जामोर, पुनीत, भूपेन्द्र उपाध्याय और राय सिंह ने सक्रियता से भाग लिया और उपार्जन व गोदाम प्रबंधन से जुड़े तकनीकी प्रश्न पूछे।


