– घटना के बाद एसडीएम सहित अस्पताल प्रबंधन पहुंचा मौके पर
भिण्ड, 10 मई। जिला अस्पताल में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) वार्ड स्थित स्तनपान कक्ष की छत और फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से तीन महिलाएं और एक नवजात शिशु घायल हो गया। हादसे में एक महिला को मामूली चोट आई, जबकि दो महिलाओं को गंभीर चोटें आने पर तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। अन्य नवजात बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। घायलों में 32 वर्षीय ममता पवैया, 23 वर्षीय सुषमा शामिल हैं। हादसे के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला.
हादसे के समय कमरे में सात महिलाएं अपने नवजात बच्चों को स्तनपान करा रही थीं, अचानक हुए इस हादसे से वार्ड में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन डॉ. आरएन राजौरिया मौके पर पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। वहीं एसडीएम अखिलेश शर्मा ने भी अस्पताल पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल प्रबंधन से पूरी जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल की इमारत का बड़ा हिस्सा आजादी से पहले का बना हुआ है। वर्षों पुरानी इस भवन की केवल मरम्मत और रंग रोगन कर उसे नया स्वरूप दे दिया गया है, लेकिन अंदरूनी ढांचा जर्जर बना हुआ है। अस्पताल की छत और दीवारें लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। इससे पहले भी अस्पताल के अन्य वार्डों में छत गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
70 साल पुराना है अस्पताल भवन
एसडीएम अखिलेश शर्मा ने बताया कि हादसे के समय कमरे में सात महिलाएं मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन करीब 70 साल पुराना है और इसकी स्थिति चिंताजनक है। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को पूरी बिल्डिंग की गहन जांच कराने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम तत्काल करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे ने जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर जर्जर भवन में नवजात शिशुओं और माताओं को क्यों रखा गया था, जबकि पहले हुई घटनाओं के बावजूद सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम क्यों नहीं उठाए गए।
इनका कहना है:
”जिला अस्पताल भिण्ड के एसएनसीयू वार्ड में पुरानी भवन संरचना के एक हिस्से की फॉल्स सीलिंग का छोटा भाग गिर गया है।”
डॉ. आरएन राजौरिया, सिविल सर्जन जिला अस्पताल भिण्ड


