– न्यायालय के आदेश पर कराई गई जांच, फर्जी पाए गए पीजीडीसीए प्रमाण पत्र
भिण्ड, 06 मई। पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जी पीजीडीसीए प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने का प्रयास करने वाले 6 आवेदकों पर न्यायालय के आदेश पर कराई गई जांच के उपरांत करीब 18 साल बाद 6 आवेदकों के खिलाफ देहात पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार साल 2008 में पटवारी भर्ती परीक्षा कराई गई थी, उक्त परीक्षा में कई आवेदक बैठे। इस परीक्षा को पास करने वाले लोगों के द्वारा कंप्यूटर संबंधी सार्टिफिकेट मांगे गए। पात्रता परीक्षा पास करने वाले जिले के निवासी पंकज यादव, रंजीत तोमर, वंदना सोनी, पूनम मिश्रा, अशोक कुमार और अरुण मांझी द्वारा कंप्यूटर संबंधी दस्तावेज पेश किए गए। जांच के दौरान इनके दस्तावेज कलेक्ट्रेट कार्यालय से निरस्त कर दिए गए। इसके बाद उनके द्वारा छत्तीसगढ़ के रायपुर की एक यूनिवर्सिटी के पीजीडीसीए प्रमाण पत्र पेश किए गए, ये प्रमाण पत्र इन्होंने वर्ष 2005 में लेना बताया, जो संदिग्धता के दायरे में पाए गए।
मामला संदिग्ध पाए जाने पर न्यायालय के आदेश पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि उक्त आवेदकों द्वारा जब पहले पीजीडीसीए प्रमाण पत्र लिए जा चुके थे तो पेश किए गए दस्तावेजों में पहले क्यों नहीं दिए गए। जब पूर्व में जो दस्तावेज जमा कराए गए, उसमें कंप्यूटर संबंधी दस्तावेज निरस्त होने पर पीजीडीसीए के यह प्रमाण पत्र पेश किया जाना पाया गया, जबकि ये लोग कभी रायपुर की उक्त युनिवर्सिटी में नियमित कक्षाएं लेने नहीं गए। सब कुछ जालसाजी के तहत तैयार कराए जाना पाया गया। जांच में साक्ष्यों के आधार पर पंकज यादव, रंजीत तोमर, वंदना सोनी, पूनम मिश्रा, अशोक कुमार और अरुण मांझी सहित छह लोगों के खिलाफ देहात थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण धारा 420, 467, 468, 471 भादंवि के तहत अपराध क्र.271/26 पंजीबद्ध कर लिया गया है।


