– बीमारी से लड़ने आए थे यहां सिस्टम से हार गए, समय से डॉक्टर ना होने से मरीज बेबस और लाचार
भिण्ड, 03 मई। सामुदायिक उप स्वास्थ्य केन्द्र मालनपुर में डॉक्टरों की समय से अनुपस्थिति एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर समय पर नहीं आते, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीज घंटों इंतजार करते रहते हैं, लेकिन डॉक्टर एवं स्टाफ के समय से नहीं आने से उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार इस समस्या की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। मरीजों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां इलाज की दूरी 20 से 25 किमी की दूरी एवं इलाज काफी महंगा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है।
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को समय पर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य केन्द्र मालनपुर प्रभारी पाठक उपस्थित नहीं मिले।
इनका कहना है:
”जब में हॉस्पिटल में परेशान हो कर पूछ रहा था डॉक्टर कहां है, तो वहां बोला गया डॉक्टर तो पता नहीं कब तक आएंगे।”
यशवर्धन सिंह, मरीज मालनपुर”आपके द्वारा मुझे यह जानकारी मिली है, इस विषय में जानकारी लेता हूं और डॉक्टर का समय 9.30 से 2.30 तक का रहता है।”
डॉ. वासुदेव शिकारिया, खण्ड चिकत्सा अधिकारी गोहद


