– आरोपी को बचाने तैयार किया कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र
भिण्ड, 21 अप्रैल। स्कूल में दर्ज रिकार्ड को नजर अंदाज कर तहसीलदार द्वारा कूटरचित तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाकर आरोपी को बचाने के प्रयास के विरोध में गौरव शर्मा भारद्वाज अधिवक्ता महासचिव कांगे्रस आईटी सेल ने कांगे्रस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखकर कूटरचना करने वालों के विरुद्ध अपराध दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही आवेदन की प्रतियां कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा, एसपी डॉ. असित यादव एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिण्ड को भी भेजी गई हैं।
आवेदन में कहा गया है कि आरोपी विमल यादव पुत्र उमेश यादव निवासी यादवन का पुरा बिलाव जिला भिण्ड के विरुद्ध कासाखडवली पुलिस ठाणे महाराष्ट्र में अपराध क्र.832/25, धारा 65 (ए)(1), 137(2), 3(5)बीएनएस एवं लैंगिक अपराधों की धारा 4, 8, 12 के तहत दर्ज है। अवेदन में स्पष्ट किया गया है कि विमल यादव शा. उमावि ऊमरी जिला भिण्ड का छात्र रहा है। शाला प्राचार्य द्वारा पत्र जारी कर विमल यादव की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 बताई गई है, जो कि शाला रिकार्ड के अनुसार सही है। विमल यादव द्वारा अपराध से बचने और स्वयं को नावालिग सावित करने के उद्देश्य से अपनी आयु को कम कराने के लिए कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर तहसीलदार भिण्ड मोहनलाल शर्मा के माध्यम से नवीन जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया है, जिसमें उसकी जन्मतिथि 25 दिसंबर 2007 दर्शाई गई है। इन कूटरचित दस्तावेजों में गवाहों के शपथ पत्र देने वाले गवाह, पंचनामा में शामिल लोग, ग्राम पंचायत सरपंच, पंचायत सचिव आदि सहभागी हैं, इसके बाद तहसीलदार भिण्ड मोहनलाल शर्मा द्वारा 22 जनवरी 2026 को यह कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

