– ग्राम टीकरी कला एवं फूप में जागरूकता शिविर आयोजित
भिण्ड, 20 अप्रैल। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड केएस बारिया के मार्गदर्शन में ग्राम टीकरीकलां एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूप में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड अनुभूति गुप्ता एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी भिण्ड देवेश शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणजन एवं आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के बारे में बताया कि बाल विवाह एक गंभीर समस्या है, हालांकि यह शहरों की तुलना में गांवों में ज्यादा दिखाई देती है। यह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का अतिक्रमण करता है जिससे उन पर हिंसा, शोषण तथा यौन शोषण का खतरा बना रहता है, बाल विवाह लड़कियों और लड़कों दोनों पर असर डालता है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए शासन द्वारा नुक्कड़-नाटक, रैलियां और सेमिनार जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता में जागरूकता पैदा किए जाने हेतु कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त यदि किसी बालक का बाल विवाह हो जाता है और वह उसे शून्य घोषित करवाना चाहता है तो वह जिला न्यायालय में अर्जी प्रस्तुत कर सकता है।
इसके अलावा जिला रजिस्टार एवं न्यायाधीश डॉ. मनोज कुमार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूप में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में आमजनों को गरीबी उन्मूलन योजना के प्रभावी क्रियांवयन के संबंध में एवं उक्त योजना एवं उनके लाभों के बारे में जागरूक करने, उन्हें संबंधित सुविधाओं का लाभ प्रदान करवाने व उन्हें प्राधिकरण से निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध करवाना है। इसके अतिरिक्त आमजनों को विभिन्न कानूनी मुद्दों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदाय की गई। कार्यक्रम में ग्राम टीकरी कला के ग्रामीणजन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूप के चिकित्सा अधिकारी डॉ. तपस शर्मा, पीएलवी अशोक सोनी निडर एवं रामाधर पुरोहित, चिकित्सकगण, कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।


