– अंतर विभागीय समन्वय समिति का गठन विकास खण्ड स्तर पर
भिण्ड, 14 अप्रैल। उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग भिण्ड ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मप्र का दुग्ध उत्पादन एवं संग्रहण दुगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग मप्र शासन द्वारा विभाग में अनेक नई गतिविधियों एवं नवाचार प्रारंभ किए गए है।
इसी कम में वर्तमान में प्रदेश में क्षीर धारा ग्राम योजना का कियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना में चिन्हित ग्रामों में पशु नस्ल सुधार, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध संग्रहण, हरा चारा विकास, गोबर अपशिष्ट प्रबंधन इत्यादि कार्यों के द्वारा ग्राम में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जावेगी ताकि ये ग्राम अन्य ग्रामों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने। क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत जिला भिण्ड के भी 6 विकासखण्डों में 85 ग्रामों का चयन किया गया है। प्रत्येक ग्राम के लिए एक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी नियुक्त किया गया है जो इन ग्रामों में योजना से संबंधित विभागीय कार्यों का निष्पादन करेंगे। योजना में कृषि विभाग, वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का भी समावेश किया जाएगा। कृषि विभाग के माध्यम से इन ग्रामों में हरा चारा विकास, बायोगैस निर्माण, जैबिक खाद एवं प्राकृतिक खेती जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों का समावेश होगा।
जिला स्तर पर योजना के प्रभावी कियान्वयन एवं समीक्षा हेतु कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा की अध्यक्षता में अंतर विभागीय समन्वय समिति का गठन किया जा चुका है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड इस समिति के उपाध्यक्ष, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग समिति के सचिव तथा उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भिण्ड समिति के सदस्य होंगे। जिला स्तरीय समिति की तरह अंतर विभागीय समन्वय समिति का गठन विकासखण्ड स्तर पर एवं क्षीरधारा ग्राम स्तर पर भी किया गया है। वर्तमान में जिले के 85 ग्रामों में आधारभूत सर्वेक्षण कार्य सम्पादित किया जा रहा है। सर्वे कार्य में पशुपालकों से सम्पर्क किया जा रहा है। सर्वे कार्य में पशुपालकों से संपर्क कर पशुपालन से संबंधित गतिविधियों को विभिन्न मूल जानकारी एकत्रित की जा रही है। सर्वे कार्य एप के माध्यम से पूर्ण किया जा रहा है।
इसी क्रम में उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग भिण्ड डॉ. एसएस राठौर एवं जिला नोडल अधिकारी क्षीरधारा ग्राम योजना डॉ. शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया ने क्षीरधारा ग्राम खरिका, अकाहा, पुलावली, कन्हारी एवं बरहद का भ्रमण कर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान ग्राम के स्वसहायता समूहों से भी संपर्क कर क्षीरधारा ग्राम योजना में सहयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया। निश्चित रूप से समन्वित सहयोग से क्षीरधारा ग्राम योजना जिले में भी दुग्ध उत्पादन बृद्धि में सहायक एवं प्रेरणा स्रोत साबित होगी।

