भिण्ड, 14 अप्रैल। गोहद नगर में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को नल से पानी की एक-एक बूंद गिरने के लिए टकटकी लगाए इंतजार करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से तैयार की गई जल आवर्द्धन योजना भी गर्मी की शुरुआत होते ही दम तोड़ती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, लगभग 118 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत जल आवर्द्धन योजना के टेस्टिंग के दौरान नगर की गलियों और मुख्य मार्गों पर पानी की भरमार देखने को मिली थी। उस समय दो मंजिला मकानों तक पानी पहुंचाने का दावा भी सफल बताया गया था। लेकिन अब हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
नगर पालिका के फिल्टर प्लांट से पेयजल सप्लाई बंद होने के बाद गोहद की एक लाख से अधिक आबादी पूरी तरह इसी योजना पर निर्भर हो गई है। ऐसे में जब योजना ही नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही, तो लोगों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि पानी सप्लाई का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। लोग दिनभर नलों के पास बैठे रहते हैं कि कब पानी आए। वहीं जब सप्लाई होती भी है तो पानी का प्रेशर इतना कम होता है कि कई इलाकों में पानी पहुंच ही नहीं पाता। नगर के कई वार्डों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां नलों में कई दिनों से पानी नहीं आया है। गर्मी के बढ़ते तापमान के बीच यह संकट लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल आवर्धन योजना की खामियों को दूर कर नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इनका कहना है:
”नगर के वार्ड क्र.14 में कम्प्रेशर से पानी प्राप्त हो रहा है तथा पानी में अगले दिन काई जम जाती है।”
रामनिवास शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षक, निवासी वार्ड क्र.14 गोहद”पेयजल सप्लाई का कोई समय ही निश्चित नहीं है, कभी नल खोल देते हैं, दो चार दिन का अंजा कर देते है।”
सुशील यादव, निवासी वार्ड क्र.13 गोहद”मैंने नगर में बेहतर व्यवस्था के लिए अपने अधीनस्थों को बताया है, शीघ्र ही समस्या में सुधार देखने को मिलेगा।”
दिग्विजय सिंह, जल आवर्द्धन योजना

