– 25 हजार नए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण और खाद-बीज से जोड़ने का लक्ष्य
भिण्ड, 13 अप्रैल। भिण्ड जिले के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सहकारिता के लाभों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित भिण्ड द्वारा विशाल सदस्यता अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहुल पवार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 14 अप्रैल अंबेडकर जयंती से 15 मई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले की 168 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से 25 हजार नए किसानों को सहकारी परिवार का हिस्सा बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य ध्येय उन किसानों को मुख्यधारा में लाना है, जो अब तक किन्हीं कारणों से समितियों से नहीं जुड़ सके हैं। नए सदस्य बनने वाले किसानों को शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिसमें प्रमुख रूप से खेती-किसानी के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बुवाई के समय किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पात्रता के अनुसार किसान अपनी जमीन के रकबे के आधार पर अधिकतम 3 लाख रुपए तक का संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकेंगे। सदस्य बनने के उपरांत किसान सहकारी संस्थाओं की निर्णय प्रक्रिया और सामाजिक सशक्तिकरण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।
अभियान को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए बैंक प्रबंधन द्वारा एक विस्तृत समय-सारणी जारी की गई है। इसके अंतर्गत 14 से 20 अप्रैल तक समितियों के मुख्यालय पर अभियान की शुरुआत और गैर-सदस्य किसानों की पहचान हेतु घर-घर संपर्क किया जाएगा। इसके पश्चात 21 से 30 अप्रैल तक इच्छुक किसान सदस्यता हेतु अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। एक से 5 मई के बीच बोर्ड या प्रशासक स्तर पर आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा और 6 से 15 मई तक नए सदस्यों को ऋण वितरण हेतु आवश्यक वैधानिक तैयारियां पूर्ण की जाएंगी। सदस्यता प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि पात्र किसान मात्र 600 रुपए (100 रुपए प्रवेश शुल्क एवं 500 रुपए अंश पूंजी) जमा कर समिति की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहुल पवार ने जिले के समस्त पात्र कृषकों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और सहकारी समिति के सदस्य बनें, ताकि उन्हें खाद-बीज की समस्या से मुक्ति मिले और बिना ब्याज के ऋण प्राप्त कर वे अपनी खेती को आधुनिक और उन्नत बना सकें। अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले की सभी 168 समितियों और 18 बैंक शाखाओं को सक्रिय कर दिया गया है।

