– महात्मा ज्योतिबाराव फुले की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड, 11 अप्रैल। महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर गोहद में जागृति मंच के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हर नारायण कुशवाह ने की, जबकि आयोजन कांग्रेस नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य केदार कौशल द्वारा शैलेन्द्र गुर्जर के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन से शिक्षा, सामाजिक समानता और अधिकारों को लेकर जोरदार हुंकार भरी।
उन्होंने कहा कि करीब 2000 वर्षों तक जाति के नाम पर दलितों और पिछड़ों को शिक्षा से वंचित रखा गया, लेकिन महात्मा फुले ने अलख जगाकर भारत में पहला महिला स्कूल खोलकर सामाजिक क्रांति की शुरुआत की। बरैया ने कहा कि भारत में एक समय ऐसा था जब शिक्षा पर भी कुछ वर्गों का एकाधिकार था और कमजोर वर्गों को पढ़ने नहीं दिया जाता था। किसी को शिक्षा से दूर रखना उसे हमेशा के लिए कमजोर बनाए रखना है, क्योंकि पढ़ा-लिखा व्यक्ति आसानी से किसी के बहकावे में नहीं आता। उन्होंने अपने संबोधन में पुराने समय के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए बताया कि शिक्षा प्राप्त करने की कोशिश करने वालों को किस तरह अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं। अगर उस दौर में शिक्षा पर रोक नहीं होती, तो आज भारत दुनिया के अग्रणी देशों में होता।
बरैया ने बताया कि महात्मा ज्योतिराव फुले ने कम उम्र में ही शिक्षा के महत्व को समझा और मात्र 21 वर्ष की आयु में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलकर समाज में नई चेतना का संचार किया। बिना शिक्षा के मनुष्य पशु के समान है। यदि महिलाओं को शिक्षा नहीं मिली होती, तो आज वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, विधायक और सरपंच जैसे पदों तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और छत्रपति शाहू महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने समानता और सामाजिक न्याय को संविधान और कानून के माध्यम से स्थापित किया तथा वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया। राजनीतिक संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वही नेता हैं जो देश में समानता और संविधान के पूर्ण पालन की बात करते हैं। साथ ही उन्होंने ग्वालियर में आगामी समय में 10 लाख लोगों के विशाल आंदोलन की घोषणा करते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
ग्वालियर के पूर्व विधायक मदन कुशवाह ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि आज यहां उमड़ी यह भीड़ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जागरूकता की लहर है। हमें इसे मिशन बनाना होगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे फूलसिंह बरैया के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को आगे बढ़ाएं। जब तक हम संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए नहीं लड़ेंगे, तब तक संविधान की भावना पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाएगी। हमें वंचित, शोषित, दलित और पिछड़े वर्गों को उनका हक दिलाने के लिए एकजुट होना होगा।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामनारायण हिण्डोलिया, ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल, शैलेन्द्र सिंह गुर्जर, पूर्व डीएसपी सुरेन्द्र सिंह तोमर सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और महात्मा फुले के योगदान को याद किया।
शहर में निकली भव्य शोभायात्रा
महात्मा फुले जयंती के अवसर पर गोहद में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो गोलंबर तिराहा से प्रारंभ होकर गंज बाजार, भानु की घटिया, पुराना बस स्टैण्ड, सदर बाजार, इटली गेट और नया बस स्टैण्ड होते हुए न्यू अभिनंदन वाटिका पहुंची। रास्तेभर लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया, वहीं विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई। न्यू अभिनंदन वाटिका पहुंचकर शोभायात्रा विशाल सभा में परिवर्तित हो गई, जहां भारी जनसमूह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दे दिया।
इस अवसर पर देवी सिंह तोमर, सरदार संतोष सिंह पटेल, दिनेश शर्मा, एडवोकेट रामस्वरूप कुशवाह, देवेन्द्र निगम, राकेश कुशवाह, जगत सिंह यादव, राजीव कांकर, तहसीलदार बघेल, महेश जाटव, बाबा शंकर दास, रघुनाथ त्रिवेदिया, राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, लज्जाराम कुशवाह, गरीब सिंह यादव, सुल्तान सिंह नरवरिया, प्रेम सिंह सखवार, कप्तान सिंह कुशवाह, रामस्वरूप कुशवाह, प्रेम नारायण कुशवाह, दिनेश शर्मा, रणवीर सिंह गुर्जर, महावीर जाटव, महेश चौरसिया, हरिमोहन कौशल, जुबेर अली, राघवेन्द्र सिंह तोमर (राजू काका), ओमवीर रजक, मुनेश शर्मा, रमेश कुशवाह, सोबरन सिंह कुशवाह, रामदास कुशवाह, प्रहलाद कुशवाह, जगदीश कुशवाह, रामप्रकाश कुशवाह, पानसिंह कुशवाह, गोपाल कुशवाह, प्रेमनारायण कुशवाह, विवेक बंसल, हरि सिंह गोयल, निरपत खटाना, सम्मा पठान, तहसील शाह, नसीर आमीन मुखियाजी, साबू खान, बबलू खान, रामसिंह कुशवाह, रामवीर माहौर, मलखान सिंह माहौर, बालकिशन माहौर, विजय बरैया, राजू जाटव, बदन सिंह राठौर, पार्षद रामजीलाल, पंचम सिंह हिंडोलिया, अशोक अर्गल, कैलाश माहौर, गायत्री माहौर, लालबहादुर जादौन सहित सैकड़ों लोग जुलूस एवं कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने शिक्षा के महत्व, सामाजिक न्याय और समानता का सशक्त संदेश दिया। पूरे गोहद क्षेत्र में यह आयोजन सामाजिक जागरूकता, एकता और परिवर्तन की नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ।


