– किसान-व्यापारियों में विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस
भिण्ड, 06 अप्रैल। शहर के भारौली रोड स्थित कृषि उपज मण्डी में सोमवार को सरसों लेकर पहुंचे करीब डेढ़ सौ किसान उस समय आक्रोश फूट पड़ा, जब व्यापारियों ने उनकी सरसों की फसल की अधिकतम बोली 6200 रुपए प्रति क्विंटल लगाई। किसानों ने इस दर को बेहद कम बताते हुए अपनी उपज बेचने से साफ मना कर दिया। सरसों के दाम कम लगाने को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। मण्डी में करीब सवा सौ से डेढ़ सौ टे्रक्टर ट्रॉलियां सरसों लेकर आई थीं।
किसानों का कहना था कि इस बार बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को पहले ही भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में 6200 रुपए का भाव लागत भी नहीं निकाल पा रहा। किसानों ने कम से कम सात हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिए जाने की मांग रखी। विवाद बढ़ने पर व्यापारियों ने भी एकजुट होकर उक्त दर पर खरीद से हाथ खींच लिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। करीब दो घण्टे तक मण्डी में हंगामे जैसे हालात बने रहे। सूचना मिलते ही तहसीलदार रूपम गुप्ता और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों और व्यापारियों दोनों पक्षों की बात सुनी और समझाइश दी।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष सरसों के दाम 7500 रुपए तक पहुंचे थे, जबकि इस बार उत्पादन भी प्रभावित है और भाव भी कम मिल रहा है। एक तरफ प्राकृतिक मार झेलनी पड़ रही है, तो दूसरी और व्यापारी सरसों की कम कीमत देकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। दूसरी ओर व्यापारियों का कहना था कि बाजार की मांग और आवक के आधार पर ही बोली लगाई जाती है। किसानों द्वारा फसल नहीं देने पर उन्होंने भी खरीद बंद कर दी। बाद में मण्डी प्रबंधन और प्रशासन की मध्यस्थता में दोबारा बोली लगवाई गई, जिसमें 200 से 300 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद कुछ किसानों ने अपनी उपज बेच दी, जबकि कई किसान बिना फसल बेचे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस लौट गए। मण्डी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।


