– कांग्रेस ने जन आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुए प्रकरण को खत्म करने की मांग की
भिण्ड, 19 मार्च। ग्वालियर-भिण्ड-इटावा नेशनल हाईवे-719 को लेकर 16 मार्च को बरेठा टोल प्लाजा पर अखिल भारतीय संत समिति के जिलाध्यक्ष संत कालीदास महाराज, संत हरिनिवास अवधूत जी महाराज (चिलोंगा वाले), संत डॉ. शिवप्रताप महाराज (त्रिमूर्ति धाम),पायलेट बाबा, कुण्डेश्वर महाराज आदि संत समाज के नेतृत्व में सभी संत समाज, समाजसेवी, पूर्व सैनिक, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल के (भाजपा को छोड़कर) और समाज के सभी वर्गों द्वारा टोल फ्री (रोड नहीं तो टोल नहीं) जन आंदोलन के तहत विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया।
ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि जन आंदोलन पूरी तरह अनुशासित रहा इस आंदोलन में स्वार्थी भाजपाई नेताओं को छोड़कर जिले से बड़ी संख्या में संत समाज, समाजसेवी, पूर्व सैनिक, सभी राजनीतिक दलों (भाजपा को छोड़कर) और आमजन की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। बघेल ने कहा कि संत समाज के नेतृत्व में आयोजित किए गए जन आंदोलन के दौरान एनएच/ एमपीआरडीसी, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 30 मार्च तक डीपीआर बनाकर पेश किए जाने एवं अप्रैल 2026 में टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है, साथ ही एक सप्ताह के अंदर प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को टोल समाप्ति का प्रस्ताव भेजने का भी भरोसा दिलाया गया।
बघेल ने इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन नितिन गड़करी को पत्र लिखकर स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर 30 मार्च तक डीपीआर तैयार कर एवं अप्रेल अंत तक टेंडर संबंधी कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो अप्रैल के बाद जिला कांग्रेस कमेटी लाखों की संख्या में विशाल जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसके लिए भाजपा सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि संत समाज के नेतृत्व में पूरा जन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, फिर भी कुछ प्रदर्शन कारियों पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं, उक्त प्रदर्शनकारियों के ऊपर लगाए गए प्रकरण को शीघ्र हटाया जाए।


