– खनेता धाम में 21 बालकों का विधानपूर्वक कराया यज्ञोपवीत संस्कार
भिण्ड, 21 फरवरी। गोहद क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खनेता धाम में गुरुवार को उपनयन संस्कार का आयोजन हुआ। इस अवसर पर 21 बालकों का विधि-विधानपूर्वक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा धाम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंगलाचार और गणेश वंदना से हुई।
खनेता धाम महंत महामण्डलेश्वर रामभूषण दास महाराज के निर्देशन में सभी बालकों को वैदिक परंपरा के अनुसार स्नान, शुद्धिकरण एवं संकल्प की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसके पश्चात हवन कुंड के समक्ष बैठाकर विधिवत मंत्रोच्चार के बीच उन्हें जनेऊ धारण कराया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने स्वाहा के उच्चारण के साथ आहुतियां देकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संस्कार के उपरांत सभी बालकों को धार्मिक ग्रंथ, जपमाला और प्रसाद वितरित किया गया।
धार्मिक आयोजन के दौरान महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने बताया कि उपनयन संस्कार को सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे बालक के जीवन का दूसरा जन्म कहा जाता है, जब वह शिक्षा और संस्कारों के मार्ग पर औपचारिक रूप से अग्रसर होता है। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत धारण करने के साथ ही बालक को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी जाती है और उसे नियमित संध्या-वंदन, स्वाध्याय तथा सदाचार के पालन का संकल्प कराया जाता है। यह संस्कार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है।


