– घण्टों कतार में लगने के बाद की श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
भिण्ड, 15 फरवरी। महाशिवरात्रि के पर्व पर भिण्ड जिला शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। यहां यह पर्व पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया गया। जिले के हर शिवालय में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और बम-बम भोले, हर-हर महादेव और ऊँ नम: शिवाय के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों की संख्या में कांवरिया सोरों और श्रृंगीराम पुर से पैदल चलकर पवित्र गंगाजल लेकर आए और कोसों पैदल चलकर अपने आराध्य देव को जल अर्पित किया।
अर्द्ध रात्रि रात 12 बजे जैसे ही मन्दिरों के पट खुले, कांवड़िए श्रृंगी रामपुर और सोरों से लाए गए गंगाजल को लेकर अंदर दाखिल हुए और भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। सुबह होते-होते मन्दिरों में लंबी कतारें लग गईं। शहर के प्राचीन वनखण्डेश्वर महादेव मन्दिर में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। यहां सैकड़ों कांवड़िए पहुंचे और विशेष पूजा के बाद जल चढ़ाया गया। मन्दिर परिसर में लगभग एक किमी लंबी लाइन लगी रही। दोपहर तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे और यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सभी भक्त भगवान शिव की भक्ति में लीन रहे और गंगाजल, बेलपत्र, धतुरा, चंदन आदि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इन मन्दिरों में रही भारी भीड़
वनखंडेश्वर महादेव मन्दिर, बौरेश्वर महादेव मन्दिर, महाकालेश्वर, मनकेश्वर, कुण्डेश्वर, त्रंबकेश्वर और गौरीशंकर महादेव, उमरेश्वर महादेव मन्दिर सहित सभी प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। साथ ही जिले के छोटे-बड़े सभी शिव मन्दिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों के मन्दिरों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ऊमरी, मेहगांव, अटेर, गोहद और लहार सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग कई किलो मीटर पैदल चलकर भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे।
भिण्डी ऋषि मन्दिर पर चढ़ाई कावरें
महाशिवरात्रि भगवान शिव के लिए खास त्योहार है। लेकिन इस बार किले के पास स्थित भिण्डी ऋषि मन्दिर में भी लोगों ने कांवरों से लाया गया गंगाजल चढ़ाया।
बाजार सुस्त, मन्दिरों पर मेला
महाशिवरात्रि के कारण बाजार सुस्त रहे, कई दुकानदारों ने अवकाश भी मनाया। उधर मंदिरों में आस्था का मेला लगा रहा और पूरा जिला हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। वहीं गांवों में भजन-कीर्तन हुए और पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।


