– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने डम्बूर में किया 450 करोड़ के माताबारी टूरिज्म सर्किट का शिलान्यास
– तीन दिवसीय दौरे में त्रिपुरा को सिंधिया ने दी 750 करोड़ की विकास सौगात, पर्यटन-अगरवुड़-अधोसंरचना को मिली नई गति
नई दिल्ली, 25 जनवरी। केन्द्रीय उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को त्रिपुरा प्रवास के अंतिम दिन डम्बूर झील स्थित नारकुल कुंज में 450 करोड़ की लागत वाले माताबारी टूरिज्म सर्किट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा वर्चुअली एवं कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री सुशांता चौधरी भी उपस्थित रहे। इस शिलान्यास के साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने अपनी तीन दिवसीय त्रिपुरा यात्रा में राज्य को कुल 750 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 450 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला माताबारी पर्यटन सर्किट माता त्रिपुरा सुंदरी मन्दिर, चाबीमुरा और डम्बूर झील को एकीकृत करते हुए त्रिपुरा को आध्यात्मिक एवं इको-टूरिज्म के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा। इस परियोजना हेतु कुल 450 करोड़ के निवेश में 276 करोड़ का योगदान पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत फ्लोटिंग जेटी, इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, आधुनिक पर्यटक सुविधाएं और स्थानीय संस्कृति से जुड़े अनुभव विकसित किए जाएंगे, जिससे डम्बूर क्षेत्र को एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान मिलेगी।
भविष्य की आजीविका की नींव रखी गई है
समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि त्रिपुरा के इतिहास में यह एक नया उदय है। हमने आज केवल पत्थर नहीं रखे हैं, बल्कि भविष्य की आजीविका की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि माताबारी पर्यटन सर्किट से 4 से 5 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की होगी। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना से न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा बल्कि मानव संसाधन का विकास होगा। इस सर्किट के गाइड्स को प्रीमियर संस्थानों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
डम्बूर झील की प्राकृतिक भव्यता और त्रिपुरा का आत्मीय आतिथ्य
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डम्बूर झील की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, शांत जलराशि और हरित द्वीपों की सराहना करते हुए कहा कि डम्बूर प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्म का दुर्लभ संगम है। उन्होंने त्रिपुरा के लोगों के आतिथ्य सत्कार, सरलता और आत्मीयता को राज्य की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि यही गुण त्रिपुरा को वैश्विक पर्यटन केन्द्र बनाएंगे। सिंधिया ने कहा कि त्रिपुरा एक खज़ाना है, जिसे विश्व पटल पर उजागर करना होगा।
प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहा त्रिपुरा का परिवर्तन
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर, लोकल टू ग्लोबल और एक्ट ईस्ट नीति के तहत त्रिपुरा को दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मणिक साहा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र-राज्य समन्वय के कारण ही त्रिपुरा विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
तीन दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा को मिली 565 करोड़ की सौगातें
विदित रहे कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने दौरे के पहले दिन त्रिपुरा में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सोलर माइक्रो-ग्रिड सहित 220 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके साथ दूसरे दिन उन्होंने 80 करोड़ की अगरवुड़ वैल्यू चेन परियोजना का शिलान्यास किया जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से सीधा जुड़ाव होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में त्रिपुरा पर्यटन, अगरवुड़, बैंबू और अधोसंरचना के माध्यम से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरेगा और पूर्वोत्तर भारत के विकास का मजबूत स्तंभ बनेगा।
ग्रीन गोल्ड से बदलेगी उत्तर-पूर्व की अर्थव्यवस्था
सिंधिया ने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में इंजीनियर्ड बैंबू को बढ़ावा देने के लिए से 22 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। यह पहल ग्रीन गोल्ड के रूप में उत्तर-पूर्व की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगी और पर्यावरण-संवेदनशील विकास को नई दिशा देगी।


