– बसंत पंचमी पर कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड, 24 जनवरी। बसंत पंचमी का पर्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी रखता है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है, यह पर्व ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती के प्रकट उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह बात वरिष्ठ शिक्षक एवं विश्व गीता प्रतिष्ठानम के जिला संयोजक विष्णु कुमार शर्मा ने विद्यालय प्रबंधन एवं विश्व गीता प्रतिष्ठानम द्वारा भूता बाजार स्थित अग्रवाल विद्या मन्दिर में आयोजित बसंत पंचमी पर्व कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणा वादिनी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।
विष्णु कुमार शर्मा ने कहा कि ज्ञान रूपी नेत्रों को खोलती है मां सरस्वती, उन्होंने बताया कि जो लोग नई विद्या सीखना चाहते हैं या अध्ययन कर रहे हैं उन्हें बसंत पंचमी पर सरस्वती जी की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक दुर्गादत्त शर्मा ने मां वीणा वादिनी का गायन किया। शिक्षक राजकुमार पचौरी ने विद्यार्थियों को बताया कि यह पर्व खासकर विद्यार्थियों, कलाकारों और उन लोगों के लिए महापर्व की तरह है जो शिक्षा से संबंधित काम करते हैं।
शिक्षक शैलेष सक्सेना बताया कि सनातन धर्म में प्रत्येक पर्व का अपना एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है, इन्हीं पावन पर्व में से एक है बसंत पंचमी, जो ज्ञान, विद्या, कला और संगीत को समर्पित है। दीपमाला अग्रवाल ने बताया कि बसंत पंचमी का पर्व अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान चेतना और सृजन का संचार करती है। इस अवसर पर प्राचार्य नीति अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, शिक्षिका राधा शर्मा, रानू त्रिपाठी, देवेन्द्र अग्रवाल, शिव सिंह राजपूत, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, रामराज वर्मा, अंकित बंसल, विजय श्रीवास्तव, नीरज भदौरिया, ऊषा यादव, प्रगति श्रीवास्तव, निकिता जैन आदि उपस्थित थे।


