– कथा व्यास पं. श्यामसुंदर मिश्रा के मुखारविंद से बही रसधारा
भिण्ड, 19 जनवरी। स्थानीय शंकर मन्दिर कलार वाला कुआं परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही भगवान का जन्म हुआ, पूरा पांडल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
प्रसिद्ध कथा वाचक पं. श्यामसुंदर मिश्रा ने अपनी सुमधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का सजीव वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने कारागार में वासुदेव और देवकी के आठवीं संतान के रूप में अवतार लिया।
भक्ति में डूबे श्रद्धालु, हुई पुष्प वर्षा
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई। बाल स्वरूप के दर्शन पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। पं. मिश्रा द्वारा गाए गए भजनों पर भक्त झूमने को मजबूर हो गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा जमकर पुष्प वर्षा की गई और बधाई बांटी गई। कथा के मुख्य आकर्षण में भगवान की झांकी: कृष्ण जन्म के समय टोकरी में बाल रूप के दर्शन। प्रसाद वितरण: जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में माखन-मिश्री और विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। धार्मिक माहौल: शंकर मन्दिर कलार वाला कुआं पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के अंत में मुख्य यजमानों द्वारा भागवत आरती की गई। इस दौरान भारी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे।


