भिण्ड, 04 जनवरी। आलमपुर में हमेशा कुछ न कुछ धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसलिए आलमपुर को धार्मिक नगरी के नाम से भी जाना जाता है। है। यहाँ प्रात: कालीन बेला में विभिन्न मंदिरों से रामधुन निकलने का सिलसिला पिछले कई वर्षों से निरंतर चला आ रहा है। लेकिन कथा वाचक स्वामी रामसुख महाराज ने आलमपुर में श्रीराम नाम की ऐसी अलख जगाई है कि नगर के प्राचीन सिद्ध स्थल हरिहरेश्वर बड़ी माता मंदिर से निकलने वाली रामधुन में सभी उम्र के लोग इस कड़ाके की सर्दी में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
विदित हो कि खाटू श्याम परिवार के सदस्यों द्वारा नगर के लोगों के सहयोग से विगत दो महीने पहले आलमपुर में हरिहरेश्वर बड़ी माता मंदिर पर श्रीराम कथा का आयोजन कराया गया था। जिसमें पधारे कथा वाचक स्वामी रामसुख महाराज ने आलमपुर में हरिहरेश्वर बड़ी माता मंदिर से प्रतिदिन सुबह रामधुन निकालना शुरू कराया था। महाराज के सान्निध्य में शुरू हुई रामधुन का पिछले दो माह से निकलने का क्रम निरंतर जारी है। हरिहरेश्वर बड़ी माता मंदिर से सुबह साढ़े पांच बजे ध्वज के साथ शुरू होने वाली रामधुन नगर के कई गली मोहल्ला एवं मैंन बाजार से निकलकर बस्ती के अंदर स्थित विभिन्न मंदिरों पर पहुंचती है। जहां पर देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है और रामधुन में सम्मानित लोग प्रात:काल वेला में देवी देवताओं के दर्शन करते हैं। इसके पश्चात रामधुन वापस हरिहरेश्वर बड़ी माता मंदिर पर पहुंचती है। जहां पर लोग मातारानी की आरती कराने और प्रसाद लेने के उपरांत जयकारे लगाते हुए अपने-अपने घरों को लौटते है। इस समय कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और जोरदार सर्दी के कारण लोगों का रजाई से निकलने का मन नहीं करता इसके बावजूद एक सैकड़ा से अधिक लोग रामधुन में सम्मलित हो रहे हैं।
Saturday, May 30
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