– दंदरौआ धाम में चल रहा है 51 हजार हनुमान चालीसा का पाठ
भिण्ड, 26 दिसम्बर. मनीष दुबे।
दंदरौआधाम में 1008 महामण्डलेश्वर रामदास महाराज के सानिध्य में 31 दिसंबर तक 11 दिवसीय 51 हजार हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया जा रहा है।
पुरुषोत्तम संस्कृत विद्यालय दंदरौआधाम के पाठाचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि गुरू रास्ता बताते हैं किंतु शिष्य को ही चलना पड़ता है। भक्ति के लिए हमेशा छोटा बनकर रहो, क्योंकि भक्ति के दरबार में उसी को प्राथमिकता मिलती है जो सबसे छोटा होता है, दीन होता है। भक्त की पहचान यही होती है कि वह अपने को कभी बड़ा नहीं समझता। साधक अगर भक्ति के करीब पहुंच जाए तो उसे ज्यादा समय तक विचार नहीं करना चाहिए, वरना कोई ऐसी घटना घटती है जिससे कि आप भक्ति से दूर हो जाते हैं, इसलिए बिना विचारे भक्ति में डूब जाना चाहिए।
प्राचार्य भोलाराम शास्त्री ने कहा कि हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करने से शारीरिक, मानसिक और भौतिक से कष्टों से मुक्ति मिलती है। मनुष्य की इच्छाओं की पूर्ति हो जाती है। भय और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। मनुष्य के मन की शांति रहती है, साथ ही आत्म-विश्वास बढ़ाता है। हनुमान चालीसा का पाठ मनुष्य जीवन के सभी कष्ट दूर होकर महासुख की प्राप्ति होती है। इस मौके पर हरिशंकर द्विवेदी, रामबरन पुजारी, सुधांशु गुवरेले, डॉ. अम्बरीश आचार्य, दीपक उदैनिया, मुकेश, जलज त्रिपाठी, कार्तिक तिवारी सहित 51 बाह्मणों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है।


