– 15 मिनट से अधिक चली बात, टीआई ने लोकेशन ट्रेस कराई
भिण्ड, 01 दिसम्बर। साइबर ठग किस तरह से लोगों को कॉल कर फंसाने की कोशिश करते हैं इसका एक वीडियो सामने आया है। हालांकि इस बार साइबर ठग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया क्योंकि उसका पाला खुद साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने वाले टीआई से पड़ा था। दरअसल साइबर ठग ने गलती से फोन ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह को लगा दिया था। टीआई करीब 15 मिनट तक साइबर ठग से बातचीत करते रहे और उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली।
यह एक साइबर ठग ने जिले के ऊमरी टीआई शिवप्रताप सिंह राजावत को फंसाने की कोशिश की। खुद को एसबीआई के्रडिट कार्ड ऑनलाइन सर्विस मुम्बई का अधिकारी बताकर उसने कार्ड की वैलिडिटी खत्म होने का बहाना बनाया। टीआई राजावत ने तुरंत भांप लिया कि यह ठगी है और उसे पकड़ने की योजना बनाई। ठग बार-बार ओटीपी और बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी मांगता रहा, जबकि टीआई उसे उलझाते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लगे रहे उधर, साइबर ठग अधिकारी के अकाउंट में घुसकर धोखाधड़ी से रकम उड़ाने की तैयारी में था।
लोकेशन ट्रेस से पता चला कि ठग जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था, वह कोलकाता में रेखा मंडल के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। इससे पता चलता है कि साइबर ठगी का यह जाल कई राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब जामताड़ा और कोलकाता दोनों जगहों पर जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े सभी अपराधियों को पकड़ा जा सके। टीआई का कहना है कि इस रैकेट का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।
ओटीपी मांग रहा था साइबर ठग
ऊमरी टीआई शिवप्रताप सिंह ने कहा आरोपी डेटा किसी न किसी संस्था से लेते हैं। उनके पास कॉल आया तो वह समझ गए। उससे बातचीत का वीडियो भी बनाया। आरोपी ने वैरिफिकेशन के नाम पर 6 अंक का ओटीपी भेजकर उसे बताने को कहा। लेकिन अगर वह ओटीपी बता देते तो अकाउंट खाली हो जाता। साइबर ठग ने टीआई से ओटीपी जानने की पूरी कोशिश की लेकिन जब उन्होंने ओटीपी नहीं बताया और अपना परिचय देते हुए कहा कि वो साइबर सेल से बोल रहे हैं तब भी साइबर ठग नहीं माना।

