भिण्ड, 27 नवम्बर। शहर के अटेर रोड स्थित बड़े हनुमान मन्दिर में श्रीराम कथा के सप्तम दिवस में पं. सोमेश शास्त्री ने राम चरित्र सुनाते हुए कहा कि महाराज दशरथ राम को राजा बनाना चाहते थे, लेकिन प्रभु श्रीराम ने देखा जब तक राक्षस रहेंगे तब तक राम राज्य की स्थापना नहीं हो सकती, इसके लिए उन्होंने मां कैकई का सहारा लिया और चौदह वर्ष के लिए वनवास मागा और वन में जाकर एक-एक राक्षस को मार गिराया।
उन्होंने कहा कि निसिचर हीन करउं महि भुज उठाइ पन कीन्ह। सकल मुनिन्ह के आश्रमन्हि जाइ जाइ सुख दीन्ह।। उत्तम राजा का कर्तव्य है कि पहले आताताईयों से अपनी प्रजा की रक्षा करे, जिस राजा के राज्य में प्रजा दु:खी रहती है वह राजा नर्क का अधिकारी होता है। जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी… सो नृप अवसि नरक अधिकारी।। आज देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद है, आतंकवाद पर अंकुश लगाने से काम नहीं चलेगा आतंकवाद का समूल नाश करना पड़ेगा। भगवान श्रीराम ने लंका पहले ऐसी एयर स्ट्राइक की लंका जलाकर राख कर दी। देश धर्म हित के लिए प्रभु ने अयोध्या छोड़ी, बंदर भालुओं से मित्रता की तब आतंकवाद का समूल विनाश हुआ। आज हम लोगों को भी ऊंच नीच का भेदभाव छोड़कर एक जुट होकर आतंकवाद से लड़ना है, तभी देश आगे बढ़ेगा।


