भिण्ड, 13 अक्टूबर। आलमपुर में गौशाला निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अभी तक यहां गौशाला का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। गौशाला के अभाव में सैकड़ों आवारा गायें एवं बछड़े भूखे प्यासे इधर से उधर भटकते फिर रहे हैं। यदि बस स्टेण्ड, कॉलेज तिराहे, देभई चौराहा, खोड़न मोहल्ला, छत्रीबाग सहित अन्य स्थानों पर देखा जाए तो सैकड़ों की तादाद में आवारा गाये बछड़े सड़क पर बैठे और खड़े हुए दिखाई देंगे। आवारा गाय बछड़ों के सड़क पर विचरण करने से जहां लोगों को निकलने में परेशानी होती है, तो वहीं वाहन चालकों को वाहन निकालने में दिक्कत आती है। इसके अलावा बड़े वाहनों की टक्कर से आवारा गाये एवं बछड़े घायल हो रहे हैं और गंभीर रूप से घायल होने पर बे मौत मारे जा रहे हैं।
फसलों को भी पहुंचा रही नुकसान
इस महंगाई के युग में किसान हजारों रुपए खर्च कर फसल कर रहे हंै लेकिन आवारा गायें एवं बछड़े किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आवारा रूप से विचरण करने वाली गायें बछड़े दिन में तो बस्ती के अंदर बैठे दिखाई देते हैं, लेकिन रात होते ही गाये बछड़े खेतों की ओर कूंच कर जाते हैं और खेतों में खड़ी फसलों को खा जाते हैं। आलमपुर सहित नजदीकी गांव के किसान आवारा गायें बछड़ों से बहुत परेशान हंै, किसानों को रातभर जागकर फसलों की रखवाली करना पड़ती है।
Sunday, April 5
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