– शहर के सुरेश दादा बैंक्विट हॉल में हल्दीघाटी शौर्य गाथा कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड, 21 जून। शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा रविवार को शहर के सुरेश दादा बैंक्विट हॉल (मैरिज गार्डन) में हल्दीघाटी शौर्य गाथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से चिलोंगा धाम महंत अवधूत हरिनिवास महाराज, इतिहासकार राजवीर सिंह चलकोई, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मनित डॉ. भगवत सिंह तोमर, सामाजिक कार्यकर्ता उमेश सिंह भदौरिया मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने भारत माता और महाराणा प्रताप के चित्रों पर दीप प्रज्वलित और पुष्प अर्पित करते हुए किया।
इस अवसर पर इतिहासकार राजवीर सिंह चलकोई ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध भले ही कुछ घण्टों तक चला हो, लेकिन इसकी गूंज सदियों तक सुनाई देती रही। युद्ध में महाराणा प्रताप ने अद्भुत वीरता का प्रदर्शन किया। उनके प्रिय अश्व चेतक का बलिदान भी इतिहास में अमर हो गया। चेतक ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपने स्वामी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, जो निष्ठा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।
महान प्रतीक के रूप में याद किया जाता है
उन्होंने कहा कि कई इतिहासकार हल्दीघाटी युद्ध को निर्णायक विजय या पराजय के रूप में नहीं देखते, क्योंकि युद्ध के बाद भी महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा और मेवाड़ के अधिकांश क्षेत्रों को पुन: अपने अधिकार में ले लिया। प्रताप ने अरावली के दुर्गम क्षेत्रों में रहकर गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाई और मुगल सेना को लगातार चुनौती दी। यही कारण है कि उन्हें भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता और प्रतिरोध के महान प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
सदैव प्रेरणा देता रहेगा
चलकोई ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष करना चाहिए। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास के ऐसे प्रेरणादायक प्रसंगों से सीख लेकर अपने जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, साहस और देशप्रेम की भावना को विकसित करें। हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय संस्कृति और गौरव की अमूल्य धरोहर है, जो सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर कौशलेन्द्र सिंह, अशोक सिंह तोमर, उपेन्द्र राजौरिया, विजय दैपुरिया, अनिल सिंह भदौरिया उर्फ पप्पू, डॉ. शैलेंद्र सिंह भदौरिया, शिव प्रताप सिंह भदौरिया, एडवोकेट शैलेन्द्र सिंह सांकरी, राधाकृष्ण शर्मा, प्रमोद कुशवाह, जितेन्द्र भदौरिया, अवधेश सिंह, सुरेश तोमर, मुलायम सिंह, सुरेश दांतरे, मयूर भदौरिया, गगन शर्मा, नितिन दीक्षित, धर्मवीर सिंह, रिशेन्द्र सिंह कुशवाह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


