– ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारी को न इलाज मिला, न वेतन
भिण्ड, 11 जून। ग्वालियर पॉली पाइप्स लिमिटेड के पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी की परिसमापक छाया गुप्ता पर नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए। कहा गया कि कंपनी में ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारी का न तो पीएफ-ईएसआईसी जमा किया गया और न ही उसकी अन्य मदद की गई, उल्टा घायल कर्मचारी की अवैध रूप से बर्खास्तगी कर दी गई।
कर्मचारियों की ओर से सौंपे गए शिकायत पत्र में कंपनी के सबसे पुराने कर्मचारी विष्णु दत्त शर्मा के मामले का विशेष उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार शर्मा 6 नवंबर 2026 को ड्यूटी के दौरान फैक्ट्री में गिर गए थे, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराकर प्लेट और रॉड डाली गई। इलाज की पूरी जानकारी तत्काल परिसमापक छाया गुप्ता को व्हाट्सएप और पंजीकृत पत्र के जरिए 6 नवंबर 2025 के बाद भेजी गई। आरोप है कि जानकारी देने के बावजूद परिसमापक ने न तो कोई मदद की और न ही जवाब दिया। इसके उलट शर्मा को बीमारी की स्थिति में ही नौकरी से हटा दिया गया और वेतन देना भी बंद कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह छह महीने से बिना वेतन हैं और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिसमापक ने पद संभालने के बाद किसी भी कर्मचारी से संपर्क नहीं किया, 17 दिसंबर 2025 को बिना सूचना सभी को सेवा मुक्त कर दिया। बकाया वेतन 5 मार्च 2026 को और ग्रेच्युटी-बोनस 6 मई 2026 को कर्मचारियों के खातों में डाला गया, लेकिन अर्जित अवकाश, यात्रा भत्ता और अन्य देय राशि अब भी लंबित हैं। शर्मा ने बताया कि उन्होंने 10 जून 2026 तक सभी दस्तावेज तीन बार स्पीड पोस्ट से संबंधित अधिकारियों को भेजे हैं। शिकायत में मांग की गई है कि परिसमापक के खिलाफ कार्रवाई कर कर्मचारियों को उनका बकाया, इलाज का खर्च और शारीरिक अक्षमता का मुआवजा दिलाया जाए।

