– लीड कॉलेज प्राचार्य ने चौ. यदुनाथ सिंह कॉलेज के केन्द्राध्यक्ष को जारी किया नोटिस
भिण्ड, 08 जून। शहर के यदुनाथ कॉलेज परीक्षा केन्द्र पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पीजीडीसीए और डीसीए परीक्षा में खुलेआम नकल का मामला प्रकाश में आया है। नकल के मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
वीडियो में परीक्षार्थी मोबाइल फोन पर एआई के जरिए प्रश्नों के उत्तर तलाशते और उन्हें आंसर शीट पर लिखते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल आसानी से पहुंच रहे थे। जबकि एग्जाम हॉल में मोबाइल क्या कोई भी डिजिटल उपकरण ले जाने की मनाही है। बताया गया है कि मोबाइल फोन आसानी से परीक्षा केन्द्र के अंदर पहुंच गए। उड़नदस्ते या किसी औचक निरीक्षण दल की सक्रिय मौजूदगी भी नजर नहीं आई। दूसरे दिन परीक्षा हॉल के भीतर का वीडियो रिकॉर्ड किया गया। वीडियो में कुछ परीक्षार्थी ग्रुप बनाकर चर्चा करते दिख रहे हैं, जबकि कई एआई के जरिए सवालों के जवाब खोजते नजर आए।
पर्यवेक्षक ने बनाए 24 नकल प्रकरण
चौ. यदुनाथ सिंह कॉलेज परीक्षा केन्द्र पर नकल रोकने के लिए एमजेएस कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमंत दुबे को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। डॉ. दुबे के अनुसार, उन्होंने शुरुआती परीक्षाओं में सख्ती बरतते हुए दो से तीन पेपरों में 24 नकल प्रकरण बनाए थे।
लीड कॉलेज प्राचार्य ने भेजा नोटिस
इस संबंध में जब लीड कॉलेज प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एमजेएस स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा को जानकारी मिली तो उन्होंने चौ. यदुनाथ सिंह कॉलेज के प्राचार्य/ केन्द्राध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर आपके महाविद्यालयमें सम्पन्न हो रही माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय की तीन जून को सायं पाली में पीजीडीसीए परीक्षा के दौरान नकल संबंध वीडिया वायरल हो रहे हैं। जिससे आपके महाविद्यालय में संपन्न हो रही परीक्षाओं की सुचिता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है, जो घोर चिंताजनक है। एमजेएस कॉलेज प्राचार्य ने तुरंत जवाब मांगा है। इसकी प्रतिलिपि परीक्षा नियंत्रक माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल की ओर कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
…तो परीक्षा निरस्त होगी
इस संबंध में लीड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी सघन जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उक्त केन्द्र की परीक्षाएं निरस्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखा जाएगा।


