– समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न
भिण्ड, 08 जून। समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार भिण्ड में आयोजित की गई। जिसमें सीईओ जिला पंचायत वीरसिंह चौहान, अपर कलेक्टर एलके पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी तथा कई अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्पलाइन में सौ दिवस से अधिक लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निराकरण करें। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जिले के प्रत्येक विकास खण्ड एवं नगरीय निकाय मुख्यालयों पर 3 दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाना सुनिश्चित करें। इन शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जिले में आयोजित होने वाले जन कल्याण शिविरों में विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहें तथा प्राप्त होने वाले आवेदनों का त्वरित निराकरण करें। शिविरों में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का विभागवार पंजीयन किया जाए। शिविरों में आयुष्मान भारत योजना, वय वंदना योजना, पीएम सूर्यघर योजना, स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजना के छूटे हुए हितग्राहियों का पंजीयन किया जाए। साथ ही शिविर के दौरान प्रवासी श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन, छात्रवृत्ति स्वीकृति के प्रकरण, नल कलेक्शन के आवेदनों का निराकरण, राजस्व के लंबित प्रकरण, नामांतरण बंटवारा, सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण किया जाए। इन शिविरों में एसडीएम तथा खण्ड स्तरीय अधिकारी सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लंबित प्रकरणों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप इन शिविरों के आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने सभी नगरीय निकाय सीएमओ को निर्देशित कर कहा कि बारिश से पहले सभी नाले-नालियों की साफ-सफाई कराना सुनिश्चित करें। जिससे बारिश के दौरान कहीं भी जल भराव की स्थिति नहीं बने। साथ ही जहां भी नाले-नालियों पर अतिक्रमण है, उनसे अतिक्रमण हटाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन जर्जर भवनों को चिन्हांकित कर लिया गया है उन्हें नोटिस देकर तुड़वाएं। किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सीएम मॉनिट, सीएस मॉनिट, टीएल पत्र निराकरण की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


