– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने नेहरू प्लेस में किया आधुनिक डाकघर का लोकार्पण
– इंडिया पोस्ट के फ्यूचर-रेडी परिवर्तन की नई शुरुआत
– देशभर के 25 हजार 91 डाकघरों को अगले डेढ़ वर्ष में आधुनिक, ग्राहक-केन्द्रित स्वरूप देने का लक्ष्य
नई दिल्ली, 07 मई। राजधानी के नेहरू प्लेस में भारत सरकार के डाक विभाग के आधुनिक और अत्याधुनिक स्वरूप वाले नवीन डाकघर का लोकार्पण केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में किया। स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड अर्किटेक्चर द्वारा डिजाइन किया गया यह डाकघर आधुनिक प्रशासन, डिजिटल दक्षता और सिटिजन फर्स्ट सोच का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि नेहरू प्लेस का यह डाकघर केवल एक भवन नहीं, बल्कि इंडिया पोस्ट के भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों से आग्रह किया कि वे इस आधुनिक डाकघर की सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें।
25 हजार 91 डाकघरों का होगा आधुनिकीकरण
केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभाग ने बैक-एंड सिस्टम्स, आईटी 2.0, विस्तारित कार्य अवधि और 24&7 सेवाओं के माध्यम से अपनी कार्यक्षमता को मजबूत किया है। अब फोकस फ्रंट-एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन पर है। उन्होंने कहा कि नेहरू प्लेस डाकघर में नागरिकों के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था, ओपन डिजिटल सिस्टम, उज्ज्वल और ग्राहक-अनुकूल वातावरण तथा कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य स्थल तैयार किया गया है। यही मॉडल अगले डेढ़ वर्ष में देशभर के 25 हजार 91 डाकघरों में लागू किया जाएगा।
डाक परिवार मेरे दिल का रिश्ता है
अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग के साथ अपने भावनात्मक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया रेल परिवार को अपना परिवार मानते थे, उसी प्रकार पिछले दो दशकों से उनका रिश्ता देश के 4 लाख डाक कर्मियों से केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि दिल का रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले प्रोजेक्ट एरो के माध्यम से डाक विभाग के आधुनिकीकरण का जो बीज बोया गया था, आज वह एक विशाल परिवर्तन के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि नेहरू प्लेस का यह डाकघर उसी परिवर्तन यात्रा का अगला चरण है।
1.65 लाख डाकघरों से देश की सबसे बड़ी सेवा श्रृंखला
सिंधिया ने बताया कि देशभर में इंडिया पोस्ट के 1.65 लाख डाकघर हैं, अर्थात हर चार गांवों पर कम से कम एक डाक सेवा केन्द्र उपलब्ध है। जहां डाकघर नहीं है, वहां इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक सेवाएं पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि केवल चार वर्षों में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के 13 करोड़ उपभोक्ता बन चुके हैं। इसके साथ ही प्रतिवर्ष 7.5 करोड़ पार्सल वितरित किए जा रहे हैं, 90 करोड़ चिट्ठियों की डिलीवरी की जा रही है, डाकघरों के माध्यम से अब तक 2.12 करोड़ पासपोर्ट बनाए गए हैं, 15 करोड़ आधार कार्ड डाकघरों में बनाए गए हैं, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के लगभग ढाई करोड़ उपभोक्ता हैं, लगभग 2 लाख करोड़ का बीमा निवेश विभाग द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक में 40 करोड़ खाते हैं और इन खातों में 23 लाख करोड़ से अधिक की जमा राशि है।
डाक सेवा, जन सेवा से लॉजिस्टिक्स पावर हाउस बनने की ओर इंडिया पोस्ट
सिंधिया ने कहा कि डिजिटल युग में ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स भारत की आर्थिक शक्ति के नए आधार बन रहे हैं और इंडिया पोस्ट इस परिवर्तन का सबसे बड़ा स्तंभ बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग शीघ्र ही एक व्यापक पोस्टल लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान लेकर आ रहा है, जिसके माध्यम से भारत में विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में इंडिया पोस्ट की आय 13,218 करोड़ से बढ़कर 15,296 करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अभी विभाग भारत सरकार के लिए कॉस्ट सेंटर है, लेकिन डाक परिवार वर्ष 2029-30 तक इसे प्रॉफिट सेंटर बनाने की ओर अग्रसर है।


