– शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ महाराज के सानिध्य में रखी गई नींव
भिण्ड, 19 अप्रैल। जिले के अटेर क्षेत्र के परा गांव में स्थित अमन आश्रम में काशी धर्म पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ महाराज के सानिध्य में बनने जा रहे परा शक्ति देवी एवं भगवान भोलेनाथ के मन्दिर निर्माण की नींव रखी गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।
इस दौरान स्वामी नारायणानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि परा स्थित अमन आश्रम में बनने वाले पराशक्ति देवी एवं महादेव मन्दिर के निर्माण की प्रक्रिया भूमि पूजन के साथ ही आज से शुरू हो गई है। इस मन्दिर के ऊपरी भाग में मिर्जापुर के चुनार पत्थरों से बिना किसी रेत, सीमेंट अथवा कंक्रीट का प्रयोग किए केवल पत्थरों से ही भव्य मन्दिर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए अयोध्या के राम मन्दिर में प्रयोग किए गए चुनार के पत्थरों से ही इस भव्य मंदिर का निर्माण होगा।
उन्होंने बताया कि मन्दिर निर्माण में एक से डेढ़ करोड़ रुपए का खर्च आएगा और सभी भक्तों एवं क्षेत्र वासियों के सहयोग से ही इस भव्य मन्दिर का निर्माण होगा। जो कि क्षेत्र ही नहीं पूरे अंचल के लिए आस्था एवं भक्ति का केन्द्र रहेगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में आगे आकर मन्दिर निर्माण में सहयोग करने की अपील की है। इस अवसर पर मौके पर मौजूद भक्तों ने स्वेच्छा से मन्दिर निर्माण में सहयोग करने की बात कही और तत्काल सहयोग की घोषणा की।
इन्होंने दिया सहयोग
मन्दिर निर्माण के लिए शंकराचार्य के शिष्य ममता शिवकुमार पुरोहित ने दो लाख रुपए, एसपी सिंह एवं वीपी सिंह ने दो लाख रुपए, आशुतोष अवस्थी ने एक लाख रुपए, अमित देवी ने 71 हजार रुपए, केशव पटवारी ने 71 हजार रुपए, राघवेन्द्र सिंह कुशवाह ने 71 हजार रुपए, उमेश भारद्वाज ने 51 हजार रुपए, महेश पाठक ने 51 हजार रुपए, देवेन्द्र शर्मा ने 51 हजार रुपए, परानिधेश भारद्वाज ने 45 हजार रुपए, मुदिता भारद्वाज ने 41 हजार रुपए, ओमप्रकाश शर्मा प्रतापपुरा ने 31 हजार रुपए, हरीश दीक्षित ने 21 हजार रुपए, ब्रजेश जोशी ने 11 हजार रुपए, अशोक शर्मा ने 11 हजार रुपए, रामजीलाल ओझा ने 11 हजार रुपए, रवि शर्मा वकील ने 11 हजार रुपए, संजीव चौहान मैनपुरी ने 11 हजार रुपए, दिलीप शर्मा जौरी ने 11 हजार रुपए, श्रीकांत नमोनारायण दीक्षित ने 11 हजार रुपए, शिवशंकर भदौरिया ने 1100 रुपए ने सहयोग किया। जबकि स्थानीय निवासी दीपेन्द्र कुशवाह एवं मुकेश चौहान द्वारा नींव में उपयोग होने वाली रेत एवं गिट्टी देने की घोषणा की।


