-कलेक्टर ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा की, खराब प्रगति वाले सेक्टर प्रभारी पर होगी दण्डात्मक कार्रवाई
भिण्ड, 11 अप्रैल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वीरसिंह चौहान, समस्त सीईओ जनपद पंचायतों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों पर गहन समीक्षा की और पूर्ण तथा अपूर्ण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। विशेष रूप से जल गंगा संवर्धन अभियान 2025-26 और 2026-27 के तहत चल रहे खेत तालाब निर्माण पर जोर दिया गया। साथ ही मां की बगिया योजना के पूर्ण-अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने पंचायत विभाग के समग्र निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों की संख्या, गुणवत्ता और समयबद्धता की जानकारी ली। अपूर्ण कार्यों पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से कारणों की पड़ताल की और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, शेष कार्यों को तत्काल पूर्ण कराएं।
जल गंगा संवर्धन अभियान पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान 2025-26 के अंतर्गत खेत तालाब निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। पूर्ण कार्यों की संख्या, शेष बचे कार्यों की स्थिति और उन्हें कब तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया। उन्होंने अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा तय करने के आदेश दिए।
नए कार्यों पर साइट निरीक्षण के निर्देश
जल गंगा संवर्धन अभियान 2026-27 के तहत लिए गए नए कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने सेक्टर ऑफिसरों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सेक्टर ऑफिसर स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें, फिजिकल वेरिफिकेशन करने पर ही मंजूरी दें। कोई भी कागजी कार्रवाई बिना साइट चेक के स्वीकार नहीं होगी। कलेक्टर ने सेक्टर प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने सेक्टर की पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन की निरंतर समीक्षा करें। खराब प्रगति एवं पूर्व अनुमति के बिना अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।


